अशरफी साहब का उर्स झण्डे की रस्म के साथ शुरू


चित्तौड़गढ़। बूंदी रोड स्थित में कौमी एकता के प्रतीक मेवाड़ के महान हजरत हाफिज सय्यद सरदार अहमद कादरी चिश्ती अशरफी रहमतुल्लाह अलैहे का 22वॉ सालाना उर्स मुबारक गुरूवार को परचम कुशाई की रस्म अदा की।
सज्जादानशीन मोलाना मुफ्ती उस्मान अशरफी ने बताया कि उर्स के पहले दिन हजरत सय्यद सरदार अहमद अशरफी साहब के आवास पर मौलाना मोहम्मद जुबेर, मौलाना जुनेद, मौलाना उमेर अशरफी ने कुरान शरीफ की तीलावत वे नातिया कलाम व महफिले मिलाद पढ़ कर प्रोग्राम की शुरूआत की। अशरफी साहब की गद्दी पर चादर पेश की।  
इस अवसर पर अशरफी साहब के खानदान परिवार वाले सज्जादानशीन मोहम्मद सलीम अशरफी, सज्जादानशीन मोहम्मद यूसुफ अशरफी, हजरत मोलाना इब्राहीम अशरफी साहब के बेटे मोलाना मोहम्मद उमेर अशरफी, शहर काजी अब्दुल मुस्तफा चिश्ती, मोलाना अब्दुल रशीद बरकाती, मौलाना खलील बरकाती अशरफ़ी ने झण्डे शरीफ की रस्म अदा करी।  
इस मौके पर मुफ्ती उसमान अशरफ़ी, मोलाना जुबेर अशरफ़ी मौलाना जुनेद अशरफ़ी, शोएब अशरफी, उजेर अशरफी, फिरोज खान, उमर छीपा, शरीफ छीपा, युवा जमात सदर गुलाम रसल अशरफ़ी, सैकेट्री यासीन छीपा, बिलाल खान, गोस भाई शेख , सोनु अशरफ़ी, हाफीज रईस सा इस्माइल सा मंसूरी, महबूब भाई इम्तेयाज भाई लोहार मौलाना फेज अहमद ,जुनेद बरकाती, गुलाम हुसैन, उमर साहब छिपा, रईस मोहम्मद, शकील अहमद शेख अशरफी साहब के सैकड़ो मुरीदीन मुरीदीन व मोतकीदीन व अशरफ़ी युवा जमात के मेम्बरान मौजूद थे और आखिर मे सलातो व सलाम पैश किया गया व दुआ की गई।

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