चित्तौड़गढ़। मुख्यालय माउंट आबू से वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका राजयोगिनी उषा दीदी आज सेवा केंद्र पर पहुंचे। जिन्होंने सनातन धर्म के साधु संत समाज एवं उद्योग जगत के डायरेक्टर वरिष्ठ प्रबंधक को प्रशासकों राजनेताओं एवं अभिनेताओं तथा बुद्धिजीवी व्यक्तियों की राजयोग के माध्यम से आध्यात्मिक शक्ति द्वारा बहुत सेवाएं की। भारत का प्रमुख ग्रंथ शास्त्र श्रीमद् भागवत गीता के सत्य भगवान का सत्य परिचय को अपनी सरल भाषा द्वारा स्पष्ट किया जिन्होंने रामायण और महाभारत के शास्त्रों का गहन मनन चिंतन के द्वारा सरल शब्दों में अपनी वाणी द्वारा स्पष्ट किया। ऐसी विश्व विख्यात विभूति बाल ब्रह्मचारिणी तपस्विनी आज मां नवरात्रि के पवन दिवस पर हम सभी को नवरात्रि के आध्यात्मिक रहस्य को स्पष्ट करते हुए उन्होंने बताया कि नारी शक्ति का महत्व बताते हुए उन्होंने कहा की नई हर रूप में पूजनीय है। सच्ची तपस्या की धनी है। आज नवरात्रि के नौ दिनों में नौ देवियों के रूप में नारी का पूजन गायन हम सभी करते आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि नारी शक्ति मां दुर्गा मां लक्ष्मी मां सरस्वती का अवतार है। उन्होंने कहा जहां नारी की पूजा होती है वहां देवता निवास करते हैं। उन्होंने कहा की नवरात्रि के पावन पर्व पर हम सभी लक्ष्य ले कि हम नारी के हर रूप का सम्मान करेंगे कभी कष्ट नहीं पहुंचाएंगे। उन्होंने कहा कि नारी साक्षात मां काली मां जगदंबा का स्वरूप है।।इसीलिए हम सभी नवरात्रि पर कन्या पूजन करते हैं। सेवा केंद्र के संचालिका राज योगिनी आशा दीदी ने दीदी का सम्मान करते हुए तिलक एवं साफा पहनकर पुष्प कुछ देकर दीदी का सम्मान किया स्वागत किया। पल्लवन संस्था के बंसीलाल भाई ने दीदी का सम्मान किया।
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