चेक अनादरण पर 06 माह कारावास एवं जुर्माने से दण्डित



चित्तौड़गढ़। चैक अनादरण होने के मामले में न्यायालय ने 06 माह कारावास एवं जुर्माने से दण्डित किया हैं। परिवादी
मनीष कुमार भट्ट पिता चन्द्र प्रकाश भट्ट निवासी जिंक नगर चित्तौड़गढ़ ने विशिष्ठ न्यायिक मजिस्ट्रेट एनआई एक्ट प्रकरण चित्तौड़गढ़ में जरिए अधिवक्ता रतन कुमावत, चंदनमल जणवा, पूरणमल स्वर्णकार एक परिवाद महेश कुमार पाराशर पिता भगवतीप्रसाद पारासर निवासी भीलवाड़ा के विरूद्ध इस आशय का पेश किया कि अभियुक्त को निजी कार्यों में रूपयों की आवश्यकता होने पर 90 हजार रूपये उधार दिये। जिसकी अदायगी पेटे एसबीआई के दिये चेक को निर्धारित अवधि में बैंक में प्रस्तुत करने पर अनादरित हो गया। नोटिस दिये जाने के बावजूद राशि नहीं लौटाने पर न्यायालय में परिवाद पेश किया गया जहाँ पीठासीन अधिकारी अनुपमा भटनागर द्वारा उभयपक्षों की सुनवाई कर अभियुक्त को अपराध का दोषी मानते हुए छः माह की सजा एवं एक लाख 25 हजार रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया। अदम अदायगी 20 दिन का साधारण कारावास से भी दण्डित किया।

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