भीमगढ़ में वीर तेजाजी मेले का आगाज, देर रात तक जमा कवि सम्मेलन


भीमगढ़, (डॉ दिनेश ललकार) राशमी उपखण्ड में स्तिथ ग्राम भीमगढ़ में आयोजित वीर तेजाजी महाराज के विशाल मेले का आगाज कवि सम्मेलन से किया गया। शनिवार 3 सितंबर रात्रि 9 बजे से रात्रि के अंतिम पहर तक ओज तेज हास्य, व्यंग्य, श्रृंगार, अंगार रस मय काव्य सरिता अविरल बहती रही। जोधपुर की कवयित्री आरूषि राखेचा ने मां वीणा पाणी की पावन पजन स्तवन कर कवि सम्मेलन का आगाज किया। पहले कवि प्रभु प्रभाकर ने सता की शिकार बेरोजगारी पर राजस्थानी गीतों छंदों से खूब हंसाया। दिनेश बंटी ने अपने अनूठे अंदाज में बैंड बाजा बजाया खूब रंग जमाया। पंचायती नोहरे वाली कविता सुनाकर श्रोताओं को खूब गुदगुदाया। 
गजेन्द्र कविया ने हरियाणवी मारवाड़ी अंदाज में अद्भुत हास्य व्यंग सुनाकर खूब ठहाके लगवाए।
आरूषि ने मारवाड़ी मेवाड़ी राजस्थानी
बोली में बालम खा को शौकिन गणो और ढोला वाटशप चैट करां मीठे गीत सुनाकर श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया।
राजकुमार बादल ने एक फेरो ओर लाडी और पीच को समझ लीज्ये लाडी एवं माचा की दावण जैसे अनेक गीत सुनाकर श्रोताओं को झूमने पर मजबूर किया। चिर परिचित अंदाज में नये पुराने गीतों से कार्यक्रम को वांछित ऊंचाईयों पर पहुंचाया।
जानी बैरागी ने बढ़-चढ़कर एक बहुत बड़ा काव्य पहाड़ खड़ा किया। हंसाते हंसाते लोट पोट कर दिया। काव्यमय जादूगरी से श्रोताओं को सम्मोहित कर लिया।
कवि सम्मेलन का संचालन सूत्रधार
डॉ दिनेश व्यास ललकार ने ठहाकों की डगर पर टिप्पणियों से खूब हंसाया गुदगुदाया व्यंग्य और वतन की डगर पर  पहले वन्देमातरम गान फिर आरती अजान होना चाहिए। ओज मय छंद मुक्त कविताएं सुनाकर। सडे़ गले चुटकुलों के बिना भी अटकलों से श्रोताओं के अधरों पर मुस्कराहट का यज्ञ किया। 
गांव को गणेश आज का परिवेश, दिल्ली और गांव में से गांव को बडा़ बताकर जमकर तालियां बटौरी, सरपंच को खूब घेरे में बांधकर समां बांध दिया। कवि सम्मेलन के मुख्य अतिथि योद्धेश सिंह चौहान थे। अध्यक्ष गोपी लाल लौहर भोपाजी ने कवियों और अतिथियों का अभिनन्दन किया। वीर तेजा युवा मंडल और तेजा मेला कमेटी ने हज़ारों श्रोताओं और कवियों का आभार अभिवादन किया।

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