चित्तौड़गढ़। राजस्थान धरोहर संरक्षण एवं प्रांतीय प्राधिकरण बोर्ड के अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह जाड़ावत ने विधायक चन्द्रभान सिंह आक्या द्वारा झूठी वाहवाही बटोरने वाले बयान पर पलटवार करते हुए कहा है कि विधायक आक्या चित्तौड़गढ़ विधानसभा में किसी भी क्षेत्र में हुए विकास कार्य में अपने योगदान को तथ्यात्मक पेश करें। केवल समाचार पत्रों में बयानबाजी कर जनता को गुमराह करने का नाकाम प्रयास ना करें। विगत दिनों शहर की जनता ने इनके झूठ की भाषा को नकार दिया और नगर परिषद के वार्ड 28 में 5 गुना अंतर से विकास के नाम पर भाजपा की करारी हार हुई। जनता ने भाजपा विधायक को जमीन खिसका दी जिससे बोखला कर बेबुनियाद बयानबाजी कर रहे है।
जाड़ावत ने भाजपा विधायक आक्या के बयान पर तथ्यात्मक सिलसिलेवार जानकारी देते हुए बताया कि भाजपा विधायक ने 9 नवंबर 2022 को चित्तौड़गढ़ जिला कलक्टर को प्रस्ताव देना बता रहे हैं जबकि मेरे द्वारा सड़कों सहित शिक्षा, चिकित्सा, पेयजल एवं क्षेत्र के तमाम विकास कार्यो के प्रस्ताव 9 अक्टूबर 2021 से ही लगातार जिला कलक्टर को देते आ रहे हैं और मेरे द्वारा दिए गए प्रस्ताव पर अध्यक्ष डीएमएफटी फंड जिला कलेक्टर ने अधिशासी अभियंता सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा उसके अनुपालना में दिनांक 5 मई 2022 को 27 सड़कों के तकनीमा बनाकर रिपोर्ट अध्यक्ष डीएमएफटी जिला कलक्टर को प्रस्तुत कर दी थी,जिसका पत्र प्रेषित है। उसके पश्चात कही बार इस संबंध में लगातार पत्र व्यवहार व जिला कलेक्टर से मिलकर स्वीकृति हेतु प्रयासरत रहे।
इसी बीच डीएमएफटी कार्यों के संबध में नई गाइडलाइन आने पर जयपुर में प्रमुख शासन सचिव वित्त अखिल अरोड़ा व अन्य उच्च अधिकारीयों से मिलकर इन प्रस्तावों की स्वीकृति हेतु अथक प्रयास किए स्वयं जिला कलेक्टर ने जयपुर प्रवास पर तकनीकी खामियों को दूर करवाया था जिसका नतीजा इन प्रस्तावों की स्वीकृति है लेकिन विधायक चंद्रभानसिंह का मात्र एक प्रेस व्यक्तव्य है, भाजपा विधायक का यह बयान तथ्यों से परे है।
जाड़ावत ने कहा है कि हाल ही में सड़क स्वीकृति के पश्चात पूर्ण 28 नवम्बर 2022 को जिला कलेक्टर को 4 नए सड़कों के प्रस्ताव सौंपे जिसमे अरनियापंथ से दलमगरी 2 किलोमीटर, गिलुंड से रुंडेश्वर महादेव 1.50 किलोमीटर, मुख्य सड़क भटवाडा रोड से चतरपुरा 2.50 किलोमीटर, राष्ट्रीय राजमार्ग से पंचदेवला के स्वीकृति के लिए जिला कलेक्टर को सौंपे है जो शीघ्र स्वीकृत होंगे।
जाड़ावत ने बताया कि भाजपा शासन में डीएमएफटी फंड का दुरुपयोग किया बिना तकनीकी व वित्तीय स्वीकृति के करोड़ों के काम हुए जिनके आज दिनांक तक भुगतान नहीं हुए हैं एवं जांच लंबित है। इसके संबंध में विधायक आक्या खनिज विभाग से जानकारी ले सकते हैं। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग व पंचायत समिति आदि विभागों के लगभग 30 करोड के कार्य जांच के दायरे में है। विधायक आक्या ने अपने समय में राजनीतिक लाभ के लिए इस फंड का दुरुपयोग किया।
चित्तौड़गढ़ विधानसभा में हो रहे अभूतपूर्व विकास कार्य को भाजपा विधायक पचा नही पा रहे है और उन्हें अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए थोथी बयान बाजी देकर अपनी मानसिक स्थिति खराब होने से आये दिन जनता को गुमराह कर रहे है।
साथ ही जाड़ावत ने कहा कि क्षेत्र के विकास के नये आयाम देने के लिए अन्तिम समय तक लड़ाई लड़नी पड़ती है ना कि स्वीकृति की अंतिम फाइल देख कर प्रेस विज्ञप्ति जारी कर अपने काम का इतिश्री करके सस्ती राजनीति करने से परहेज करें।
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