भीमगढ़ के ड़ॉ ललकार ने नेपाल में फहराया मेवाड़ी शौर्य परचम, कविताएं सुना बांधा समां

चित्तौड़गढ़। भीमगढ़ के दिनेश ललकार ने नेपाल में आयोजित  साहित्य महोत्सव में कविता पाठ किया। 
डॉ दिनेश व्यास ललकार की कविता मुठ्ठी भर माट्टी चंदन की लाया हूं, शौर्य धरा की गाथा गाने आया हूं.. पर नेपाल में झूम उठे श्रोताओं की पलकें नम हो गई।
विराटनगर नेपाल स्थानीय नगर निगम के राम जानकी सदन में आयोजित त्रिदिवसीय नेपाल भारत साहित्य महोत्सव में अतंर्राष्ट्रीय बहुभाषीय कवि सम्मेलन में देश विदेशों के आमंत्रित कवियों और कवयित्रियों ने सनातन संस्कृति संस्कार पर काव्य पाठ किया।
वहीं चित्तौड़गढ़ भारत से आमंत्रित कवि डॉ दिनेश व्यास ललकार ने जान से भी ज्यादा जानकी से मोह था राम को... गीत सुनाकर राममयी माहौल बना दिया।
वहीं डॉ ललकार ने अपने ओजस्वी अंदाज में मेवाड़ी परचम लहराया।
मुट्ठी भर माट्टी चंदन की लाया हूं, शौर्य धरा की गाथा गाने आया हूं...
कविता सुनाकर समां बांधा झूम उठे श्रोताओं की आंखें नम हो गई।

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