बैलों को भड़काकर मनाया खेखरा


चित्तौड़गढ़। जिलेभर में खेखरा पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। बुधवार को महिलाएं सुबह जल्दी उठी तथा अपने-अपने घरों के बाहर गोबर से गोवर्धन बनाया एवं पूजा-अर्चना कर सुख-शांति की कामना की। दोपहर से शाम तक किसान वर्ग ने अपने-अपने बैलों को सजाया। शाम को बैलों की पूजा-अर्चना कर पटाखे फोड़ कर भड़काया गया। रात्रि में कई गांवों में घास भैरू की सवारी भी निकाली गई। किसान वर्ग ने दीपावली के तीसरे दिन एक-दूसरे के घर पर जाकर दीपावली की राम-राम भी की। बुजुर्गों से आशीर्वाद लिया तथा हम उम्र के लोगों को गले मिलकर मुंह माठा कराकर एक-दूसरे को बधाइयां दी।
दीवाली के दूसरे दिन सूर्य ग्रहण होने के चलते दीवाली के तीसरे दिन खेखरा पर्व मनाया गया। लोगों ने भाई दूज की भी एक दूसरे को बधाईयां दी।

इंदौरा- गांव में भी ग्रामीणों ने बैलों की पूजा अर्चना कर पटाखे फोड़कर बैलों को भड़काया। यह जनकारी भवानी शंकर अहीर ने दी।

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