डेढ़ घंटे बंद रहने के बाद व्हाट्सएप सर्विस बहाल

नई दिल्ली। वॉट्सऐप की सर्विसेस मंगलवार को दुनिया के कई देशों में करीब डेढ़ घंटे डाउन रही। जानकारी के मुताबिक, वॉट्सऐप ने दोपहर 12.30 बजे काम करना बंद किया था। करीब डेढ़ घंटे बंद रहने के बाद दोपहर 2 बजकर 6 मिनट पर इसने वापस काम करना शुरू कर दिया। सरकार ने वॉट्सऐप की पैरेंट कंपनी मेटा से इस गड़बड़ी को लेकर रिपोर्ट मांगी है।
भारत में राजस्थान, मध्यप्रदेश समेत कई राज्यों में यूजर्स ने मेटा-ओन्ड मैसेंजर सर्विस में डिस्क्रिप्शन की शिकायत की थी। वेबसाइट ट्रैकर डाउन डिटेक्टर ने मैसेंजर सर्विस बंद रहने की जानकारी दी थी। वॉट्सऐप के काम न करने की खबर ट्विटर पर भी ट्रेंड करने लगी थी। दुनियाभर में वॉट्सऐप के 2 अरब से ज्यादा एक्टिव मंथली यूजर्स हैं।
वॉट्सऐप यूजर्स ने इस मैप में लाल रंग से दिखाए गए शहरों में मैसेजिंग सर्विस के काम न करने की शिकायत की है।
वॉट्सऐप यूजर्स ने इस मैप में लाल रंग से दिखाए गए शहरों में मैसेजिंग सर्विस के काम न करने की शिकायत की है।
मेटा ने कहा- जल्द से जल्द सर्विस दुरुस्त करने की कोशिश वॉट्सऐप बंद होने की खबर दोपहर करीब 12.30 बजे सामने आई थी। सर्विस बंद रहने के एक घंटे बाद वॉट्सऐप की पैरेंट कंपनी मेटा के स्पोक्सपर्सन ने कहा- हमें जानकारी मिली है कि कुछ लोगों को मैसेज भेजने में परेशानी हो रही है। हम वॉट्सऐप सर्विस को जल्द से जल्द दुरुस्त करने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि कंपनी ने इस समस्या की वजह नहीं बताई।

WhatsApp एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन का उपयोग करता है। इसका मतलब यह है कि केवल सेंडर और रिसीवर ही मैसेज को पढ़ सकता है। जब आप कोई मैसेज भेजते हैं, तो यह एक स्पेसफिक एन्क्रिप्शन प्रोटोकॉल से एन्क्रिप्ट हो जाता है। WhatsApp अब इस एन्क्रिप्टेड मैसेज को अपने सर्वर पर तब तक स्टोर रखता है जब तक कि यह रिसीवर को डिलीवर न हो जाए।

डिलीवरी पर रिसीवर का डिवाइस एक यूनीक क्रिप्टोग्राफिक Key का इस्तेमाल करके मैसेज को डिक्रिप्ट करता है। इस पूरी प्रोसेस के दौरान WhatsApp आपके मैसेज के कंटेंट के बारे में नहीं जानता। WhatsASpp की एन्क्रिप्शन तकनीक को सिग्नल एन्क्रिप्शन प्रोटोकॉल कहा जाता है। वैसे एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन आपको थ्योरिटिकली सुरक्षित महसूस करा सकता है, लेकिन एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन उतना सुरक्षित नहीं जितनी कोई उम्मीद करता है।

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