चित्तौडगढ। चिकित्सा एंव स्वास्थ्य विभाग की जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक का आयोजन जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के सभागार चित्तौड़गढ़ में किया गया। बैठक की अध्यक्षता राकेश पुरोहित अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद् चित्तौडगढ ने की। उन्होंने खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी एंव प्रभारी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र को बेहतर गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराये जाने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने बताया कि पंचायतीराज विभाग के साथ समन्वय कर चिकित्सा संस्थानो की मरम्मत अथवा निमार्ण योग्य कार्यो के प्रस्ताव तैयार कर भिवजाये जाने के निर्देश दिये। आमजन को चिकित्सा संस्थान की चिकित्सकीय सेवाओ से संन्तुष्टि ही परम ध्येय होनी चाहिये।
उन्होंने फ्लेगशीप स्कीम मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना, मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना एवं जांच योजना के बेहतर, प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के निर्देश प्रदान किये, समस्त चिकित्सा संस्थानों पर राज्य स्तर से विभागीय गतिविधियो के निर्धारित मापदंडों के लक्ष्य अर्जित करने सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।
एमएमएनआरवाई योजना की प्रगति प्रस्तुत करते हुए डॉ देवीलाल धाकड, प्रभारी, जिला औषधि भण्डार, चित्तौडगढ ने अवगत कराया कि राज्य स्तर पर जिले की 19 वीं रेंक है। उक्त बैठक में जो संस्थान ई-औषधि सॉफ्टवेयर पर राज्य स्तर से प्राप्त निर्देशानुसार 8 बिन्दुवार ईन्द्राज कार्य नहीं कर रहे है जिससे उनकी प्रगति चिकित्सा संस्थानवार रेंक कम आ रही है। उन संस्थान को सीएमएचओ, चित्तौडगढ नें प्रत्येक बिन्दु का विश्लेषण कर तुलनात्मक प्रगति हेतु बताया गया। उन्होने बताया कि चिकित्सा अधिकारीयो को अधिक प्रभावी मोनिटरिंग किये जाने की आवश्यकता है।
डॉ राकेश भटनागर, क्षय रोग अधिकारी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया कि टीबी रोगियो की बेहतर देखभाल एंव खोज व फोलोअप किया जाना है। इस हेतु निःक्षय येाजना अन्तर्गत पात्र योग्य रोगियो को देय परिलाभ दिलवाया जाना सुनिश्चित करे।
बैठक में डॉ मुनेश बैरवा, जिला समन्वयक (चिरंजीवी) द्वारा योजना की संस्थावार प्रगति के बारे प्रस्तुतीकरण माध्यम से समीक्षा की गई। सीएमएचओ ने प्रभारियों को अधिक से अधिक योजना का लाभ आमजन तक पहुचे, इस हेतु सार्थक प्रयास किये जाने हेतु निर्देशित किया।
डॉ रामकेश गुर्जर, सीएमएचओं ने मौसमी बीमारियों की समीक्षा करते हुए प्रत्येक खंड से 5 सेम्पल संग्रहित कर जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की प्रयोगशाला में भिजवाए जाने हेतु निर्देशित किया। चिकित्सा संस्थान पर आने वाले प्रत्येक बुखार के रोगियों के रक्त पट्टिका संचयित कर 24 घंटे में जांच के परिणाम से अवगत कराए जाने के निर्देश प्रदान किये। कोविड के सेम्पल बढाये जावे। आईएचआईपी पोर्टल पर नियमित व दैनिक रूप से फॉर्म एस, पी, एल का इंद्राज सुनिश्चित करे।
परिवार कल्याण कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ महेन्द्र कुमार शर्मा ने समस्त बीसीएमओं को निर्देशित किया कि परिवार नियोजन के अंतराल के साधनों तथा नसबंदी कार्यक्रम के आवंटित लक्ष्यों के अनुरूप प्रगति अर्जित की जाए अन्यथा संबंधित के विरूद्व कार्रवाई की जावेगी। प्रत्येक चिकित्सा संस्थान अपने चिकित्सा संस्थान की मासिक सूचनाओं का आकलन एवं विश्लेषण करने के पश्चात ही जिला मुख्यालय को प्रेषित किया जाना सुनिश्चित करें। टीकाकरण की समीक्षा करते हुए जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी पंकज सोनी ने न्यून प्रगति वाले खंडों को वांछित प्रगति अर्जित करने हेतु निर्देशित किया साथ ही बच्चों के प्रतिरक्षण हेतु टीकाकरण अति आवश्यक है इसे ध्यान में रखते हुए शीघ्र अति शीघ्र आवंटित लक्ष्य के अनुरूप पूर्ण टीकाकरण कराया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने प्रसव पूर्व पंजीकरण एवं 12 सप्ताह एनसी पंजीकरण पर कम प्रगति पर नाराजगी जाहिर करते हुए लक्ष्य विरूद्व प्रगति अर्जित किए जाने के निर्देश प्रदान किए। राजेन्द्र खटीक, सांख्यिकी अधिकारी ने पहचान पोर्टल पर लम्बित प्रकरणो की समीक्षा करते हुए जन्म के समय ही डाटा ईन्द्राज करने एंव डिस्चार्ज के साथ ही प्रमाण पत्र जारी करने के निर्देश प्रदान किये। उन्होने मुख्यमंत्री राजश्री योजना एंव जननी सुरक्षा योजना में लम्बित आवेदनो का निर्धारित समयावधि में निस्तारण करने के निर्देश प्रदान किये। बैठक में समस्त बीसीएमओं, प्रभारी-सीएचसी एवं बीपीएम सहित डॉ पंकज सोनी, आरसीएचओ, खुशवन्त कुमार हिण्डोनिया, जिला डाटा प्रबंधक (आईडीएसपी), संजना अग्रवाल, डीएनओ, अविनाष उपाध्याय, सचिन अग्रवाल, अनिल शर्मा यूपीएम, राजेन्द्र कुमार खटीक, एसओ, नारायण लाल भाम्बी सूचना सहायक सहित अन्य सलाहकार व कर्मचारी उपस्थित थे।
पीसीपीएनडीटी जिला सलाहकार समिति की बैठक का आयोजन
बैठक में बाल लिंगानुपात, पीसीपीएनडीटी अधिनियम के अन्तर्गत पंजीकृत केन्द्रो के निरीक्षण पर चर्चा की गयी। समुचित प्राधिकारियो को समस्त् रजिस्ट्रकृत प्रसुविधाओं आगामी त्रेमास में निरीक्षण करेंने के निर्देष प्रदान किये गये। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं नोडल अधिकारी पीसीपीएनडीटी डॉ0 रामकेष गुर्जर ने बताया मुखबिर योजना के तहत भ्रूण लिंग परीक्षण संबंधी प्राप्त सूचना पर 3,00,000 (तीन लाख) रूपये की राशि प्रोत्साहन स्वरूप दी है। राज्य सरकार ने योजना को और व्यवहारिक और आकर्षक बनाते हुये सफल डिकॉय ऑपरेशन पर मुखबिर, डिकॉय गर्भवती महिला एवं सहयोगी को दो किश्तो में कुल तीन लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया जाता है अब मुखबिर, डिकाय गर्भवती महिला एवं सहयोगी को पहली किश्त सफल डिकाय होने एवं दूसरी किश्त न्यायालय में अभियोजन पक्ष के समर्थन में बयान के बाद दी जायेगी। समस्त खण्ड मुख्य चिकित्सा अधिकारियो को मुखबिर योजना के पोस्टर का प्रदर्षन ग्राम पंचायत पर व सीएचसी व पीएचसी पर करवाने व व्यापक प्रचार प्रसार करने के के निर्देष प्रदान किये।
बैठक में डॉ महेन्द्र शर्मा ,अति. मुख्य चिकित्सा एंव स्वा.अधिकारी (प.क) , डॉ.जोगंश भाऱद्वाज ,उप मुख्य चिकित्सा एंव स्वा.अधिकारी (स्वा.), डॉ. राकेश भटनागर जिला क्षय रोग निवारण अधिकारी, शफीक इकबाल शेख, जिला समन्वयक पीसीपीएनडीटी आदि उपस्थित थे।
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