दरगाह वक्फ कमेटी के सैक्रेट्री मोहम्मद यासीन खाँ अशरफी के अनुसार ईस्लामी चौथे महिने रबिउल आखिर जिसे ग्याहरवी का महीना, हज़रत गौसे पाक र.अ. का महीना भी कहते है। चन्द्र दर्शन के मौके पर नो चंदी जुमेरात को दीपावली की छुट्टियां होने से दूसरे राज्यो से भी जायरीन उमड पड़े। हाईवे से लेकर स्टेशन तक लक्जरियो व अन्य गाडियो का जमावडा लगा रहा। जुमेरात सांयकाल को चाँद देखकर एक-दुसरे को गले मिलकर गौस पाक के महिने की मुबारक बाद देते जायरीन नजर आए। इस मौके पर आशिके दीवाना द्वारा आस्ताना ए आलिया मे स्थित मुख्य मज़ार के पास चाँदी की जाली को फूलो द्वारा खुबसुरत डेकोरेशन किया गया। आहाता ए नूर मे मिलाद ए मुस्तफा का दौर जारी रहा वही कव्वाल हज़रात ने बारी-बारी से अपने कलाम पेश किए।
दरगाह वक्फ कमेटी व पैसेफिक हॉस्पिटल भीलो का बेदला उदयुपर के संयुक्त तत्वाधान मे दवा व दुआ के साथ लाईलाज बिमारी से भी इंसान को शिफायाबी हासिल होती है के तहत निःशुल्क कैम्प लगाया गया। पैसेफिक हॉस्पिटल के मार्केटिंग मेनेजर डा. जावेद रंगवाला के अनुसार अस्थिरोग विशेषज्ञ डा. भगवान प्रसाद, गायनिक डा. अदिति सारस्वत, शिशु रोग विशेषज्ञ डा. जीम पटेल, डा. स्मृति दुग्गल, मेडीसीन डा. अल्ताफ हुसैन, डा. मतीन ने अपनी टीम के साथ 560 रोगियो को निःशुल्क जांच कर दवाई वितरित की। जायरीन की व्यवस्था मे वक्फ कमेटी के मेम्बरान, मुलाजिमान, मोहिब्बान अपनी खिदमात अंजाम दे रहे थे।
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