भोजन के साथ सलाद कब, कैसे, कितना और क्यों लेना चाहिए, पढ़े पूरी ख़बर

चित्तौड़गढ़, (अभियंता अनिल सुखवाल)। भोजन करते वक्त सलाद खाने के तरीके, लाभ अथवा नुकसान की जानकारी होना आवश्यक है जिस प्रकार से दवा कब कैसे और कितनी मात्रा में लेनी है उसके लिए एक कुशल चिकित्सक की सलाह जरुरी होती है उसी प्रकार से हमें कब कैसे कितना और क्या खाना अथवा नहीं खाना चाहिए इसकी जानकारी रखना भी चिकित्सक की जरूरत निजी जीवन में खत्म कर सकता है इसके लिए हमें सही जानकारी अथवा कुशल डाइटीशियन की आवश्यकता होती है।
आज हम यहां पर बात कर रहे हैं कि हमें भोजन के समय कब कितना और कैसे सलाद को ग्रहण करना चाहिए और क्यों?
अगर आप सलाद में ये सोचकर ऊपर से सफेद नमक डाल देते हैं कि इससे सलाद का स्वाद बढ़ जाएगा तो ऐसा बिलकुल न करें। फूड एक्सपर्ट्स की मानें तो सलाद में इस्तेमाल होने वाली सब्जियों में पहले से सोडियम होता है इसलिए इसमें नमक नहीं मिलाना चाहिए। अगर आप सलाद में ऊपर से नमक डालते हैं तो सलाद से मिलने वाले पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं। सलाद में नमक डालकर रख देने स इसमें से काफी मात्रा में पानी निकल जाता है। इसलिए पौष्टिकता बरकरार रखने के लिए सलाद को बिना नमक डाले ही खाना चाहिए।

सलाद का सेवन हमारी आंखों के लिए फायदेमंद

नियमित रूप से सलाद खाने से आपके आंखों की रोशनी तेज होती है। सलाद में इस्तेमाल होने वाली सब्जियां खासकर पालक और लेटस, विटमिन ए से भरपूर होती है जो आंखों के लिए फायदेमंद है। अगर आप लाइफ में कभी भी चश्मा नहीं पहनना चाहते तो आपको नियमित रूप से सलाद खाना चाहिए और उसमें लेटस और बाकी हरी सब्जियों को भी शामिल करना चाहिए।
इस बारे में अब तक हो चुकी बहुत सी रिसर्च में यह बात साबित हो चुकी है कि अगर आप नियमित रूप से सलाद खाते हैं तो यह आपकी अनिद्रा यानी इन्सॉमनिया की समस्या को दूर कर सकता है और आपको अच्छी नींद आ सकती है। सलाद में इस्तेमाल होने वाली सब्जी लेटस में लेक्टुकोरियम नाम का तत्व होता है जो नींद बढ़ाने के लिए जाना जाता है। अगर आप अपने दैनिक आहार में सलाद को शामिल करें तो अनिद्रा की समस्या दूर हो सकती है।

सलाद खाने के बाद आपको निश्चित तौर पर पेट भरा हुआ महसूस होता है लेकिन सलाद खाने से पेट फूलने यानी ब्लोटिंग की समस्या नहीं होती। साथ ही सलाद खाने के बाद आपको भारीपन या आलस महसूस नहीं होता। इसके अलावा सलाद में फाइबर भरपूर मात्रा में होता है इसलिए यह डाइजेशन को बेहतर बनाता है और कब्ज की दिक्कत दूर करने में भी मदद करता है।
अगर आपकी इम्यूनिटी यानी रोगों से लड़ने की क्षमता मजबूत हो तो आप बीमारियों से अपने आप बचे रहेंगे। लिहाजा अपनी इम्यूनिटी को स्ट्रॉन्ग बनाने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप सलाद खाएं। सलाद में मौजूद ऐंटिऑक्सिडेंट्स आपकी इम्यूनिटी को मजबूत बनाते हैं।
सलाद में कैलरी बहुत कम होती है और इसमें पोषक तत्वों की मात्रा भी अधिक होती है। ऐसे में अगर आप फैट घटाकर वजन कम करने के बारे में सोच रहे है तो आपको नियमित रूप से सलाद खाना शुरू कर देना चाहिए।
सलाद में चूंकि कच्ची सब्जियों का इस्तेमाल होता है लिहाजा बेहद जरूरी है कि आप इन्हें सलाद के तौर पर यूज करने से पहले साफ पानी से अच्छी तरह से धो लें। वरना फलों और सब्जियों की ऊपरी सतह के बैक्टीरिया हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं।

सलाद कुछ लोगों के लिए ऐलर्जी का कारण बन सकता है

●छोटे बच्चों को खीरा और टमाटर का सलाद ज्यादा नहीं खिलाना चाहिए, सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है।
●गर्भवती महिलाओं के लिए कच्चा सलाद खाने की सलाह नहीं दी जाती है। यह उनके शरीर में सूजन का कारण बन सकता है।
●अधिक मात्रा में सलाद का सेवन आपके पाचन तंत्र को खराब कर सकता है।

सलाद की मात्रा आपके वजन का 0.5 प्रतिशत दोपहर के भोजन और रात के भोजन में भोजन से पहले होना चाहिए सुबह के भोजन में सलाद की जगह अपने वजन का 1 प्रतिशत मौसमी फलों को लेना चाहिए। इसके बाद जितनी भुख बाकी रह गई हो उसमें आपको डाइट लेनी चाहिए वो भी पेट भरने में बीस प्रतिशत कम खाना चाहिए पेट पूरा भर जाने पर पाचक रस बाहर निकल जाता है और पेट पूरा भर जाने से पाचन क्रिया नहीं हो पाती जिससे खाना सड़ कर आंतों में फंस जाता है और सड़ा हुआ खाना आर्टरीज के द्वारा ख़ून में शामिल होकर बिमारी को जन्म देना प्रारंभ कर देता है।
रात का भोजन सोने से कम से कम तीन घंटे पहले कर लेना चाहिए क्योंकि कि सोने के बाद हमारे आंतों में सफाई का कार्य होता है और अगर हम सोने के तुरंत पहले भोजन करके सोने के लिए चले जाते हैं तो ऐसे में हमारी पाचन क्रिया अधूरी रह जाती है और पाचक ऐसिड की मात्रा हमारे गले तक पहुंच कर श्वास नली में जलन पैदा कर देती है जिससे हमें एसिडिटी और गैस की समस्याएं होने का खतरा बढ़ जाता हैं।

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