चित्तौड़गढ़। महात्मा गांधी नरेगा योजना अंतर्गत श्रमिकों की उपस्थिति (NMMS) द्वारा किए जाने के विरोध में नरेगा श्रमिकों वह सरपंचों द्वारा किए गए प्रदर्शन पर अध्यक्ष राजस्थान धरोहर प्राधिकरण बोर्ड के अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह जाड़ावत राज्यमंत्री ने बताया कि मजदूर व किसान विरोधी मानसिकता रखने वाली भाजपा की केंद्र सरकार का मनरेगा में ऑनलाइन हाजरी वाला निर्णय है। यह निर्णय राज्य सरकार का नही है। उन्होंने स्थानीय भाजपा सांसद एवं विधायक व जनप्रतिनिधियों से कहा है की किसान मजदूर वर्ग को बरगलाने से अच्छा इस निर्णय के विरोध में केंद्र सरकार के प्रतिनिधि होने के नाते पत्र लिखकर मांग करते की आपके उक्त आदेश से किसान मजदूर वर्ग दुखी होकर सड़कों पर है। इस निर्णय को समाप्त करने के लिए आवाज उठानी चाहिए।
जाड़ावत ने बताया कि 22 मार्च 2022 को सचिव ग्रामीण विकास विभाग ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार की अध्यक्षता में NMMS के की क्रियान्वयन के संबंध में वीसी आयोजित कर 2022-2023 वित्तीय वर्ष में समस्त कार्य जिस पर 20 से अधिक मजदूर काम करते हैं उस पर ऑनलाइन उपस्थिति अनिवार्य होने का निर्णय 1 अप्रैल 2022 से लागू करने का निर्णय किया है। जिसे पुनः 28.12.2022 को राज्य सरकार को पुनः निर्देशित किया कि 1.1.2023 से सभी कार्यों के कार्यस्थल पर श्रमिक के फोटो सहित उपस्थिति NMMS के माध्यम से लिया जाना सुनिश्चित करें।
उन्होंने ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार को पत्र लिखकर मांग की NMMS उपस्थिति की अनिवार्यता को समाप्त कर पूर्व की भाती मस्टरोल में ऑफलाइन हाजरी भराई जाने का निर्णय करावे जो मजदूर हित में रहेगी। वर्तमान महंगाई के समय गरीब व्यक्ति का एक दिन का रोजगार पर नहीं जाना परिवार को दो जून की रोटी का संकट पैदा कर सकता है। यह निर्णय पूरी तरह से मजदूर किसान एवं गरीब जनता के खिलाफ पर जिसे समाप्त किया जाना चाहिए।
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