●धरियावद में राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का शिलान्यास
●71.42 करोड़ रुपये के 13 विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं शिलान्यास
प्रतापगढ़, (माय सर्कल न्यूज़ @हरीश जटिया)। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राजस्थान विकास के सभी पायदान पर तेजी से अग्रसर होता हुआ देश में मॉडल स्टेट के रूप में उभरा है। राज्य सरकार ने अपने बजट में आदिवासी क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए कई महत्वपूर्ण सौगातें दी हैं।
सीएम गहलोत शनिवार को प्रतापगढ़ जिले के धरियावद विधानसभा क्षेत्र में राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने यहां करीब 11.74 करोड़ रुपये के 3 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं 59.68 करोड़ रुपये के 10 विकास कार्यों का शिलान्यास भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने आदिवासियों के कल्याण के लिए बजट में कोई कमी नहीं रखी है। राज्य सरकार ने बजट में सिंचाई क्षेत्र के मद में एक बड़ा हिस्सा मेवाड़ अंचल को दिया है क्योंकि यहां सिंचाई परियोजनाओं के लिए प्रबल संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पंक्ति के आखिरी छोर पर खड़े व्यक्ति को केंद्र में रखकर योजनाएं बना रही है। राज्य सरकार अपने स्तर पर प्रतापगढ़ सहित राजसमंद व जालोर जिलों में मेडिकल कॉलेज भी खोलेगी।
सीएम गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार योजनाओं को जमीनी स्तर तक प्रभावी रूप से लागू कर रही है। बजट 2023-24 में मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा की राशि 10 लाख से बढ़ाकर 25 लाख रुपये की गई है। साथ ही, मुख्यमंत्री चिरंजीवी दुर्घटना बीमा योजना में भी बीमा राशि 5 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दी गई है। उन्होंने कहा कि आमजन को महंगाई से राहत देने के लिए अब 1 करोड़ एनएफएसए उपभोक्ताओं को निःशुल्क राशन के साथ प्रतिमाह मुख्यमंत्री निःशुल्क अन्नपूर्णा फूड पैकेट भी दिए जाएंगे। इन फूड पैकेट में प्रति परिवार एक-एक किलो दाल, चीनी, मसाले तथा खाद्य तेल दिया जाएगा। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 100 यूनिट प्रतिमाह निःशुल्क बिजली उपलब्ध करवाई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मानवीय दृष्टिकोण से पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) पुनः लागू की गई है। इससे कार्मिकों का भविष्य सुरक्षित होगा और उनकी चिंताएं दूर होंगी। उन्होंने कहा कि ओपीएस लागू होने से प्रत्येक सरकारी कार्मिक का परिवार सुरक्षित महसूस कर रहा है। इससे कार्मिकों को वृद्धावस्था में आर्थिक सहारा मिलना सुनिश्चित होगा। उन्होंने केन्द्र सरकार से अपील की है कि सरकारी कार्मिकों के हितों का ध्यान रखते हुए वे भी ओपीएस को पुनः लागू करें।
समारोह में जल संसाधन विकास मंत्री महेन्द्रजीत सिंह मालवीय, सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना, सिरोही विधायक संयम लोढ़ा, धरियावद विधायक नगराज मीणा एवं प्रतापगढ़ विधायक रामलाल मीणा ने भी संबोधित किया।
ये रहे मंचासीन अतिथि
इस अवसर पर रघुवीर सिंह, रामसिंह, दिनेश खोडनिया, भानुप्रताप सिंह, सागरमल बोरा उप जिला प्रमुख, घनश्यामपुरी गोस्वामी, मनोज उपाध्याय, जितेंद्र सिंह, नानालाल, लता शर्मा, प्रकाश चौधरी पूर्व विधायक, जसवंत कोठारी, दिलीप, शिवराजसिंह, राजमल मीणा, विजयसिंह, महिपाल चौधरी, लालसिंह, कन्हैयालाल मीणा, रूपलाल मीणा, हेमराज सुथार, वालजी पटेल, धुलीराम मीणा, रूपलाल मीणा, विजेंद्र वेडा, मदनसिंह, महेंद्रसिंह, केबी मीणा, नाथू मीणा, दिव्या सोनी, हरीश लबाना, देवीलाल लबाना, खानुराम मीणा, कमलसिंह गुर्जर, भरत पारगी, भैरूलाल, सीपी दोषी, करणमल, विष्णु पालीवाल, शंकर मेघवाल, दिनेश जगडावत, हरिराम चौधरी, तेजकरण चौधरी सहित इसके साथ जिला कलक्टर डाॅ. इन्द्रजीत यादव, जिला पुलिस अधीक्षक अमित कुमार, उपवन संरक्षक सुनील कुमार, अतिरिक्त जिला कलक्टर राजेश कुमार नायक, उपखण्ड अधिकारी धरियावद राजलक्ष्मी गहलोत, उपखण्ड अधिकारी छोटीसादड़ी विनोद कुमार मल्हौत्रा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, उच्चाधिकारी एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे। मंच का संचालन सुधीर वोरा ने किया।
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