●बंटी आंजना गैर कानूनी एवं अवैध तस्करी करोबार में आय दिन रहता था संलिप्त, इसी रंजिशवश हत्या की आशंका-पुलिस सुत्र
निम्बाहेड़ा। राजस्थान सरकार के सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना एवं काग्रेस नेताओं ने मृतक परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए बुधवार को आयोजित प्रेस काॅन्फ्रेंस में पत्रकारो को संबोधित करते हुए कहा की जिस प्रकार आज बंटी आंजना हत्याकाड मामले में भाजपा नेताओं प्रदर्शन कर ओछी एवं घटिया राजनीति कर रहे इस संबध में सहकारिता मंत्री आंजना ने इस हत्याकांड को लेकर पुलिस सुत्रों से प्राप्त तथ्यात्मक बिंन्दुओं को रखते हुए कहा कि इस तरह का हत्याकांड दुर्भाग्यपूर्ण है लेकिन जिस तरह से संपूर्ण भाजपा प्रशासन पर दबाव बनाकर मेरी छवि धूमिल करने हेतु मेरा एवं उप प्रधान विक्रम आंजना का नाम परिवाद में दर्ज कराया, साथ ही धरना प्रदर्शन कर ओछी एवं घटिया राजनीति कर रहे है।
सहकारिता मंत्री आंजना ने बंटी आंजना हत्याकांड मामले की वास्तविक सच्चाई आमजन तक पहुंचे इसको लेकर आयोजित प्रेसवार्ता में कहा की पुलिस द्वारा उक्त घटना के बाद सबुत जुटायें है जिसमें बंटी आंजना ने 5158 नाम से स्वयं की गैंग बना रखी है। गैंग में कई अपराधि लड़के शामिल कर रखे थे जिनके साथ मिलकर वह डोडाचूरा की गाड़ियां लुटकर मध्यप्रदेश पुलिस में कांस्टेबल पंकज कुमावत के साथ तस्करी करता था। इन्ही के दम पर वो सरकार बदलने पर अन्य लोगों को हाथ पैर तोड़ने और गोली मारने की धमकियां देता रहता था। उक्त जानकारी भी मंत्री आंजना को पुलिस से मिली है। बंटी आंजना मध्यप्रदेश के तस्कर कमल राणा का पूर्व साथी था परन्तु दोनों के रिश्ते लेन देन को लेकर खराब हो गए थे और दोनो में खुली दुश्मनी थी। बंटी मारवाड़ की कुख्यात गैंग 007 के सरगना लोरेंस विश्नोई नो जेल से निकलते ही मार देने के वीडियों भी सोशज मीडिया पर डाल चुका है। साथ ही इसके सोशल मीडिया एकाउंट इसी तरह के धमकी भरे वीडियों से भरे पड़े है। बंटी पर राजस्थान एवं मध्यप्रदेश मे एनडीपीएस, मारपीट, अपहरण करने, अवैध हथियार रखने एवं खरीदने-बेचने के मामले दर्ज है। वो महिनो जेल में रहा है व अभी जमानत पर बाहर था। बंटी पर सोनू कलर नाम के अपराधि ने भी जानलेवा हमला करते हुए फायरींग की थी जिसमें वो बच गया परन्तु बंटी ने वहां से जान बचाकर भागने की बजाएं सोनू की गाड़ी में ही आग लगा दी। ऐसे में इनकी दुश्मनी खुलेआम थी। दोनों एक दूसरे को गोली मारने की धमकियां देने के वीडियों सोशल मीडिया पर डालते रहते थे। इसके साथ ही बंटी की दिनेश बवारी नाम के अपराधि से भी खुली अदावत थी और बावरी गैंग पूर्व में बंटी पर हमला कर चुकी है। बंटी ने दिनेश बवारी के साथ पूर्व में मारपीट की थी जिस पर दोनों में रंजिश चरम पर थी।बंटी आंजना स्वयं भाजपा का बुथ अध्यक्ष था ना की उसके पिताजी। क्योंकि बंटी एक अपराधी किस्म का लड़का था इसलिए भाजपा भी उससे सीधे अपना नाम जोड़ने से बचते हुए उसके पिताजी को अपना बुथ अध्यक्ष बता रही है। मंत्री आंजना ने ये भी मांग की है कि बंटी आंजना का मोबाईल जो कि उसके परिजनों के पास है, पुलिस को तुरंत अपने कब्जें मे लेकर जांच करनी चाहिए। उसके मोबाईल में अनगिनत वीडिया व चेटिंग मिल जाएंगे जिसमें वो लोगों को सरकार बदलने पर जान से मार देने की धमकियां देते दिखाई देगा। ये जानकारी बंटी के करीबियों ने उपलब्ध करवाई है। पुलिस चारों मुख्य अपराधियों के करीब पहुंच चूकी है और इस कार्य में सहायता करने वालों को 5000-5000 रू का इनाम भी घोषित कर दिया है। भाजपा की बोखलाहट की वजह से हर मामले में मेरा व मेरे परिजनों का नाम जोड़ देती है चाहे वो करणपुर का मामला हो, केसुंदा का मामला हो, निंबाहेड़ा का मामला हो या ढावता का मामला। भाजपा हर मामले को जातिगत एवं चुनावी रंग देने की कोशिश करती है। में भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सतीश पुनिया बुधवार को क्षेत्र में आए। मैं उनको कहना चाहता हुं कि इन सभी मुद्दों को लेकर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के दस सबसे मजबुत बूथों का सर्वे करा ले तो उनके पता चल जायेगा कि जनमानस की इन मुद्दों पर क्या प्रतिक्रिया है।
पुलिस सुत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार ये प्रतित होता है बंटी आंजना अपराधिक गतिविधियों जैसे मारपीट, डोडाचूरा तस्करी, गुडागर्दी, अवैध हथियार रखने, अपहरण इत्यादि अवैध गतिविधयों में आए दिन संलिप्त रहता था जिसके कारण बंटी आंजना के अनेक दुश्मन थे। मंत्री आंजना ने कहा की इस हत्याकांड मामले को लेकर वास्तविकता से अनजान भाजपा नेताओं ने प्रदर्शन कर जिस प्रकार से ओछी एवं घटिया राजनीति का परिचय देते हुए परिवाद दर्ज कराया है उससे साफ जाहिर होता है कि मेरे द्वारा कराए गए विकास कार्यों से बौखलाकर भाजपा नेता मेरी छवि खराब करने के लिए षड्यंत्र कर यह मामला दर्ज कराया है। मंत्री ने कहा है कि पुलिस प्रशासन को मेरा का सख्त निर्देश है कि पुलिस शीघ्र आरोपियों को गिरफ्तार कर पर्दाफाश करे जिससे दूध का दूध पानी का पानी हो जायेगा, किंतु नृशंस हत्या को राजनीति रंग देने का प्रयास भाजपा नेताओं द्वारा किया जा रहा है जो बेहद निंदनीय है। भाजपा को ऐसे ओछे हथकंडे नहीं अपनाकर मामले का राजनीतीकरण नही करना चाहिए। कानून को अपना काम करने देकर पुलिस की स्वतंत्र रूप से कार्य करने में दखलअंदाजी नहीं करनी चाहिए।
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