ग्राम पंचायत में सरपंच प्रतिनिधि का दखलन्दाजी को लेकर सौंपा ज्ञापन

चित्तौड़गढ़। ग्राम पंचायत कश्मोर निवासियों द्वारा किसान मोर्चा जिला महामंत्री कैलाश जाट के नेतृत्व में ग्राम पंचायत कश्मोर में विकास कार्य ठप्प होने एवं सरपंच प्रतिनिधि द्वारा ग्राम पंचायत में अनावश्यक दखलअंदाजी को लेकर जिला कलक्टर के नाम अतिरिक्त कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर विरोध प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की गई। ज्ञापन के अनुसार ग्राम पंचायत कश्मोर में वर्तमान में महिला सरपंच सरस्वती देवी शर्मा पंचायत कार्यालय में कभी कभी ही आती है साथ ही गांव में किसी भी प्रकार के विकास कार्य हेतु घर से बाहर नहीं निकलती है। उनके स्थान पर सरपंच का पुत्र भारत भूषण ही समस्त कार्यों में दखलअंदाजी करता है तथा सभी ग्रामीण विकास के कार्यों में दखलअंदाजी करते हुए ग्राम के विकास में रोड़े अटकाकर गांव वासियों के हित में जरुरी कार्यों को अपनी मनमर्ज़ी एवं राजनीतिक रोब जमाकर अनावश्यक मनमानी करता है जिससे ग्रामीणों को कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पडता है। ग्राम पंचायत कश्मोर सरपंच सरस्वती शर्मा के कार्यकाल में पिछले तीन वर्षो से पंचायत से जुडे सभी गांवों में नालियों की साफ सफाई नहीं हुई जिससे नालियों में गंदगी के साथ पानी भरा हुआ हैं। सरकार द्वारा संचालित नरेगा योजना में दूसरे व्यवसाय से जुड़े एवं सरपंच प्रतिनिधि भारत भूषण शर्मा के करीबी एवं चहेते लोगों को नाम नरेगा में जोड़कर फर्जी तरीके से लाभ दिलाया जा रहा है। ग्रामवासियों ने ज्ञापन के दौरान आरोप लगाया कि सरपंच प्रतिनिधि द्वारा मजदूर की जगह मशीनों द्वारा कार्य करवाकर  मजदूरों की रोजी रोटी छीनने का आरोप लगाया जिससे राजस्व की राशि का नुकसान कर जमकर भ्रष्टाचार किया जा रहा है। तीन वर्ष पूर्व ग्राम कश्मोर में बिलानाम भूमि के पास लगे क्रेशर संचालक से सरपंच प्रतिनिधि द्वारा चामुण्डा माताजी मन्दिर कश्मोर में खुले बरामदे के निर्माण के नाम पर चार लाख रू. नकद व चार लाख- रू. की राशि का  चैक प्राप्त किया गया जिसके बावजूद भी आज तक ना तो खुले बरामदें का निर्माण हुआ तथा ना ही नगद प्राप्त चार लाख रुपए का अता पता है। दो तीन दिन पूर्व जिंक नगर में पानी का टैंक फट गया था  जिस पर राजनीति करते हुए दबाव बनाकर जिंक से पैसे ऐंठना चाहता है जबकि उक्त टेंक के फटने से जिंक प्रबंधन के द्वारा बनाये गये नाले व रोड को क्षति पहुंची है। ग्राम गणेशपुरा वाली रोड़ व नाला निर्माण किया जाना आवश्यक है व गांव में पेयजल की सुविधा सीएसआर फण्ड के जरिये उपलब्ध कराने की भी मांग की गई।हिन्दुस्तान जिंक के द्वारा ग्रामीणो को सीएसआर फण्ड के जरिये छोटे छोटे किसानों के समूह बना कर काश्त किये जाने हेतु उच्च क्वालिटी के खाद एवं बीज उपलब्ध करवाये जा रहे है। ग्राम नरपत की खेडी, कश्मोर व पावटीया को सम्मिलित कराने की मांग की गई। जिंक नगर जब बना था तब ग्राम नरपत की खेड़ी की जमीन अवाप्त करते समय गांव में विकास कार्य कराने की स्वीकृति दी थी। जिंक प्रशासन द्वारा उक्त गांव में मूलभूत सुविधा हेतु बजट जारी भी करना चाहता है परंतु सरपंच प्रतिनिधि द्वारा खुद लाभ लेने के लिए अपनी मनमानी की जा रही है। सरपंच पुत्र द्वारा विधायक मद एवं पंचायत समिति मद से जो भी राशि विगत एक वर्ष में स्वीकृत करवाई है उक्त स्वीकृत राशि को विकास हेतु आज तक खर्च नही किया है। यह राशि ग्रामीणों के विकास हेतु स्वीकृत की गई थी। गांव का विकास तो नहीं हो रहा है परंतु सरपंच का स्वयं का विकास  होने का आरोप लगाया। ग्रामीणों द्वारा  ज्ञापन में ग्राम पंचायत कश्मोर एवं उससे जुड़े समस्त गांवों के ग्रामीणों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए उचित कार्यवाही किये जाने का आदेश जारी कर सरपंच को शीघ्र बर्खास्त करने की मांग कर सरपंच प्रतिनिधि भारत भूषण शर्मा को पंचायत में अनावश्यक दखलअंदाजी करने हेतु पाबंद कराने की भी मांग की।
इस दौरान कैलाश जाट, पंचायत समिति सदस्य रतन सुथार, जगदीश पारीक, दुर्गा शंकर चौबीसा, भरत चौबीसा, गोपाल सेन, कालू भील, जनक चौबीसा, हीरालाल बंजारा, नीरज पारीक, कन्हैया चौबीसा, गणपत पालीवाल, नानालाल सुथार, भेरूलाल सेन सहित कई ग्रामवासी उपस्थित थे।

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