चित्तौड़गढ़। एसीबी की स्पेशल टीम ने बुधवार को कपासन पंचायत समिति की उमण्ड ग्राम पंचायत के ग्राम विकास अधिकारी राहुल मीणा को ग्रामीण से पट्टा बनाने की एवज में 10 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। इस मामले में सूत्रों से रोचक जानकारी सामने आई हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एसीबी को स्पेशल टीम ने ग्राम पंचायत का रिकॉर्ड जब्त किया हैं। कार्यवाई के दौरान राहुल मीणा के बैग में भी कुछ लेन-देन की डायरी मिली हैं। इसके अलावा यह भी जानकारी सामने आई कि उमण्ड व चाकूड़ा ग्राम पंचायत में ग्राम विकास अधिकारी राहुल मीणा के 10-12 खास दलाल भी थे जो ग्रामीणों के पट्टे बनाने व अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ ग्रामीणों को दिलाने की एवज में मोटी रकम वसूलते थे और ग्राम विकास अधिकारी राहुल मीणा तक पहुँचाते थे। राहुल मीणा के पास ग्राम विकास अधिकारी चाकूड़ा ग्राम पंचायत के अलावा उमण्ड का अतिरिक्त ग्राम विकास अधिकारी का चार्ज हैं। सूत्रों से यह भी जानकारी मिली कि राहुल मीणा अपने वाहनों पर पुलिस लोगो का इस्तेमाल करता हैं और ग्रामीणों को अपने पिता के भीलवाड़ा में एसीबी में ऊंचे ओहदे पर होने का रोब जाड़ता रहता था जिससे ग्रामीण इसकी ऊपर शिकायत करने से कतराते थे। पट्टे के एवज में ली जा रही रिश्वत की राशि के मामले में ग्राम विकास अधिकारी को ट्रेप की कार्यवाई की भनक ना लगे इसको लेकर फरियादी ने जयपुर मुख्यालय में सीधे शिकायत की और उसकी कार्यवाही भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ और उदयपुर में नही करवाने को कहा। इस पर जयपुर मुख्यालय से ही एक स्पेशल यूनिट टीम का गठन किया गया और कपासन पंचायत समिति परिसर स्थित एक क्वार्टर पर 10 हजार की रिश्वत लेते ग्राम विकास अधिकारी राहुल मीणा रंगे हाथों एसीबी की स्पेशल यूनिट की टीम के हत्थे चढ़ा।
एसीबी टीम ने राहुल के चित्तौड़गढ़ स्थित आवास और अन्य ठिकानों की भी तलाशी ली गई हैं।
डायरी और पट्टाबुक से खुलेंगे राज
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ट्रेप कार्यवाई के दौरान एसीबी स्पेशल टीम यूनिट को राहुल मीणा के बैग से लेन देन की एक डायरी और पट्टाबुक बुक मिली। राहुल मीणा का करीब एक माह पूर्व ही उमण्ड ग्राम पंचायत से तबादला भी हो गया लेकिन रिलीव नही हुआ। उसकी जगह दूसरे ग्राम विकास अधिकारी ने जॉइन भी कर लिया था।
जानकारी में यह भी आया कि चाकूड़ा और उमण्ड में लंबे समय से भ्रष्टाचार का खेल चल रहा था। पट्टा बनाने व अन्य सरकारी योजनाओं का ग्रामीणों को लाभ दिलाने की एवज में दलालों द्वारा राहुल मीणा तक रुपए पहुँचते थे। भ्रष्टाचार के इस खेल में ग्राम पंचायत के मुखिया के साथ भी बंदरबांट होने की चर्चा जोरों से चल रही हैं। हालांकि एसीबी की स्पेशल टीम रिश्वत के इस मामले में रिकॉर्ड खंगाल रही हैं कि राहुल मीणा के तार किन-किन से जुड़े हैं।
ग्राम विकास अधिकारी राहुल मीणा ग्राम विकास अधिकारी संगठन का ब्लॉक अध्यक्ष भी बताया गया।
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