चित्तौड़गढ़। भारतीय दलित साहित्य अकादमी जिला चित्तौड़गढ़ के कार्यकारणी गठन अकादमी कार्यालय सेंथी हाउसिंग बोर्ड चित्तौड़गढ़ पर रखी गई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रोफेसर निर्मल देसाई तथा अध्यक्षता अकादमी के मुख्य संरक्षक लक्ष्मी नारायण परमार व विशिष्ट अतिथि एडवोकेट गौरव परमार थे। बैठक में नवगठीत कार्यकारणी का गठन एक वर्ष के लिए किया जाकर मुख्य संरक्षक लक्ष्मी नारायण परमार, संरक्षक प्रोफ़ेसर निर्मल देसाई तथा जिलाध्यक्ष पद पर मदन सालवी ओजस्वी, राजस्थान प्रदेशाध्यक्ष द्वारा पूर्व में ही नियुक्त किये जा चुके है। विधि परामर्श दाता एडवोकेट गोरव परमार को मनोनीत किया गया।
इस दौरन रेल्वे से सेवानिवृत्त अधिकारी सालिगराम छपरीबन्द को मुख्य महासचिव, एस आर गढ़वाल को महासचिव, देवी लाल दमामी को सलाहकार, बडीसादडी निवासी डॉ. दीपक सालवी मुख्य सचिव, नीमा गुजराती महिला महामंत्री, रत्नेश दमामी मीडिया प्रभार अधिकारी, ललित महरा मुख्य मीडिया प्रभार अधिकारी, लक्ष्मण पारालिया मीडिया प्रभार अधिकारी, कालूराम सालवी आरणी मिडीया प्रकोष्ठ अधिकारी, पार्वती सालवी विशेष महिला प्रवक्ता अधिकारी नियुक्त किये गये।
इस दौरान सर्व प्रथम संविधान निर्माता बाबा साहेब की तस्वीर पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया। कार्यक्रम को प्रोफेसर निर्मल देसाई, संरक्षक आम मेवाड सालवी समाज महिला महासभा पार्वती सालवी, एडवोकेट गौरव परमार तथा जिलाध्यक्ष मदन सालवी ओजस्वी तथा अन्य अनेक गणमान्यजन ने अकादमी के गठन पर बधाई दी।
इस अवसर पर शंकर लाल मीणा चिकलाड प्रतापगढ़, देवीलाल मीणा धरियावद, सुनिल कुमार रायपुर प्रतापगढ, ललित कुमार सॉचोर जालोर, ईश्वर मीणा बोरी प्रतापगढ़, राहुल खटीक चेची बेंगू, होमा राम मीणा पीपली खेडा, प्रतापगढ, दिनेश मीणा धमोतर, बाबु लाल मीणा, पीपली खेडा प्रतापगढ, राहुल कुमार मीणा भाणजी खेडा प्रतापगढ, मनीष कुमार बारेट रावतभाटा, सुनिल कुमार मैघवाल देवगढ राजसमंद, अनिल मीणा सुहागपुरा प्रतापगढ, दीपक मीणा सोडलपुरिया प्रतापगढ, विकास कुमार मीणा बोरी प्रतापगढ, सुनिल मीणा दलोट प्रतापगढ, सुनिल मीणा बोरी प्रतापगढ़, दिनेश चन्द्र मीणा गयासपुर प्रतापगढ़, कंवर लाल मीणा अरनोद, संजय मीणा हिंगोरिया प्रतापगढ़, दिलीप मीणा दलोट, तुलसी राम मीणा सुहागपुरा, प्रकाश मीणा सुहागपुरा, अर्पित खटीक बेंगू आदि गणमान्य जन उपस्थित थे। अपने विचार रखते हुए बताया कि बहुजन, गरीब पिछड़े आदिवासी समाज से लेखन साहित्य विधा में प्रतिभा को आगे बढाया जाऐ तथा साहित्यकारों को प्रोत्साहन व उत्साह व भारतीय दलित साहित्य अकादमी के तत्वाधान में समय-समय पर सम्मान होता रहे।
इस अवसर पर प्रोफेसर निर्मल देसाई तथा मुख्य संरक्षक लक्ष्मी नारायण परमार, पार्वती सालवी आदि ने महत्वपूर्ण सुझाव भी प्रदान किये। कार्यक्रम का संचालन मदन सालवी ओजस्वी द्वारा किया गया।
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