चित्तौड़गढ़। विश्व हिंदू परिषद दुर्गावाहिनी चित्तौड़ प्रांत के सात दिवसीय शौर्य प्रशिक्षण वर्ग के चौथे दिन दिन मंच पर विहिप क्षेत्रीय संगठन मंत्री सुरेश उपाध्याय मुख्य वक्ता एवं दुर्गावाहिनी प्रांत संयोजिका लता पंड्या उपस्थित रही।
क्षेत्रीय संगठन मंत्री ने सामाजिक समरसता के विषय पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बाल विवाह, रात्रि विवाह, अस्पृश्यता जैसी कुरीतियाँ मुगलकालीन शासन के दौरान रणनीतिक रूप से प्रवेशित की गई है जबकि हमारे वैदिक काल में ऐसी कुरीतियां नही थी। गुरुकुल पद्धति को तोड़कर मैकाले शिक्षा पद्धति ब्रिटिश का षडयंत्र था। भारत में पिछले 200 वर्षों से नन व पादरी अलग-अलग देशों से आकर यहीं स्थापित हो रहे हैं। स्वामी विवेकानंद ने कहा कि देश में एक धर्मांतरण होता है तो देश में विधर्मियो की संख्या बढ़ती है। अम्बेडकर की जीवनी को पढ़ने पर बल दिया तथा कहा कि सभी को मिलकर प्रखर हिंदू समाज खड़ा करना है। जिसमें महिलाओं की भूमिका भी बहुत महत्वपूर्ण है।
सत्र का संचालन शिवानी कुशवाह ने किया। अतिथियों का परिचय नंदनी शर्मा, स्वागत ललिता पालीवाल, सरिता तंवर ने किया। सुभाषित में कृतिका व एकल गीत स्नेहा मेहरा ने करवाया।
प्रांत संयोजिका लता पंड्या ने बताया कि शुक्रवार को दुर्गावाहिनी की शौर्य यात्रा निकाली जाएगी जो पाडन पोल से प्रारम्भ होकर विभिन्न मार्गों से होती हुई महावीर व्यायामशाला पर सम्पन्न होगी। जगह जगह अखाड़ा प्रदर्शन होगा।
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