भादसोड़ा, (माय सर्कल न्यूज़ @नरेंद्र सेठिया)। सांवरिया जी मंदिर मंडल को
न्यायालय से बड़ा झटका लगा है। मंडल अध्यक्ष सहित कुछ सदस्यों ने मनमाना फैसला लेते हुए गोवर्धन बस स्टैंड पर शिव मंदिर बनाने का निर्णय किया था। उसके आधार पर मकर सक्रांति पर आधारशिला भी रख दी गई, जबकि मंडल के आधे से अधिक सदस्यों के साथ गांव के लोग मंदिर मंडल के निर्णय के खिलाफ थे।
ऐसे में मामला न्यायालय में चला गया। मंडफिया के न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं सिविल न्यायालय के पीठासीन अधिकारी हिमांशु मीणा के समक्ष 11 मई को मदनलाल तिवारी वगैरह द्वारा एक सिविल प्रकरण विरूद्ध सांवलियाजी मंदिर मंडल बाबत सार्वजनिक बस स्टैंड पर शिव मंदिर का निर्माण पर पेश किया था। पीठासीन अधिकारी ने 15 मई को 2023 को न्यायालय द्वारा सार्वजनिक बस स्टैंड की भूमि पर शिव मंदिर के निर्माण को लेकर अगली पेशी तक स्थगन आदेश जारी किए गए। इसकी अगली पेशी 19 मई को निर्धारित थी।
न्यायालय ने अब 19 मई के स्थगन आदेश को जारी रखते हुए अगली सुनवाई 6 जून तक आदेश यथावत रखने का आदेश दिया। मंदिर मंडल बैकफुट पर न्यायालय के इस निर्णय को देते हुए मंदिर मंडल के अध्यक्ष भैरूलाल सहित उनके खेमे के लोगों ने तत्काल ही एक प्रेस नोट जारी किया जिसमें कहा गया कि वैसे भी मंदिर मंडल गोवर्धन बस स्टैंड पर वास्तु दोष के
कारण शिव मंदिर का निर्माण नहीं चाहता और इसके लिए अलग से जमीन चिन्हित की जाएगी जबकि मंदिर मंडल के अध्यक्ष द्वारा मकर सक्रांति को ही करीब 6 करोड रुपए के मंदिर की आधारशिला रखी गई थी। येन-केन प्रकारेण अध्यक्ष और उनके खास लोग मंदिर बनाने के पक्ष में थे। न्यायालय के स्थगन के प्रति ग्रामीणों में खुशी का माहौल देखा जा रहा है। कस्बे वासियों की ओर से इस मामले में अधिवक्ता पंकज मेहता तथा मंदिर मंडल की ओर से नारायण सिंह उपस्थित रहे।
होटल और रेस्टोरेंट की कीमतें बढ़ाने की चर्चा
पता चला है कि जिस स्थान को मंदिर मंडल द्वारा शिव मंदिर बनाने का प्रस्ताव पारित किया गया था उसके आसपास ही मंदिर मंडल के कुछ लोगों की होटल और रेस्टोरेंट है। गांव में इस बात को लेकर चर्चा है कि इसी कारण यह लोग मंदिर मंडल के सदस्यों के विरोध के बावजूद गोवर्धन बस स्टैंड पर ही शिव मंदिर का निर्माण कराना चाहते थे जबकि उस जमीन के पास ही
नाला निकल रहा है। इस कारण मंदिर मंडल के सदस्य अशोक शर्मा, शंभू लाल सुथार, ममता शर्मा सहित मंदिर मंडल के सदस्य गोवर्धन बस स्टैंड पर शिव मंदिर निर्माण के खिलाफ थे।
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