चित्तौड़गढ़। चितौड़गढ़ विधानसभा क्षेत्र के मांदलदा में 315 एमवीए क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर लगेगा। 46 करोड रुपए पॉवर ट्रांसफार्मर पर खर्च होंगे। ट्रांसफार्मर बड़ौदा से रवाना लाया जा रहा हैं।
राजस्थान धरोहर प्राधिकरण बोर्ड के अध्यक्ष राज्यमंत्री सुरेंद्र सिंह जाड़ावत ने बताया कि चित्तौड़गढ़ विधानसभा क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति सुचारू व्यवस्था के लिए वर्तमान में बढ़ती बिजली मांग के फलस्वरूप चितौड़गढ़ जिले में पूर्व में स्थापित 2x315 MVA के पॉवर ट्रांसफार्मर से जिले के अतिरिक्त देबारी, मादड़ी, प्रतापगढ़, आसपुर एवं बासवाड़ा को विद्युत आपूर्ति की जा रही है। जिससे दोनों ओवरलोड हो जाने से तकनीकि रूप से विद्युत सप्लाई करने में अक्षम है। तकनीकि समस्या के निदान हेतु जीएसएस मादलंदा पर 1X135 एम.बी.ए का पॉवर स्थापित किया जायेगा जो ट्रांसफार्मर बड़ौदा से रवाना हो चुका है। 20 जुलाई तक चित्तौड़गढ़ पहुंचेगा एवं अगले माह अगस्त तक स्थापित हो जाएगा। इस ट्रांसफार्मर की महती आवश्यकता होते हुए भी भाजपा शासनकाल में 2013 से 2018 के मध्य स्थानीय भाजपा सांसद सीपी जोशी एवं विधायक चंद्रभान सिंह आंक्या इस समस्या के निराकरण के लिए रुचि नहीं दिखाई जिससे विकास से परे भाजपा नेताओं की सोच को दर्शाता है। जबकि ट्रांसफार्मर लगने से किसानों एवं औद्योगिक क्षेत्र को काफी लाभ मिलता राजस्थान में कांग्रेस की सरकार आने के बाद लगातार इस कार्य के लिए प्रयासरत रहे जिससे विद्युत क्षेत्र में बहुत बड़ी सौगात विधानसभा क्षेत्र को मिलने जा रही है। इसके लिए अधिकारियों के साथ राज्य मंत्री जाड़ावत ने पावर ट्रांसफार्मर शिफ्टिंग वाली जगह का निरीक्षण किया। इस ट्रांसफार्मर से 400/220 केवी वोल्टेज लेवल के 315 MVA विद्युत क्षमता को मजबूती मिलेगी। इस ट्रांसफार्मर से मांदलदा ग्रिड से अधिक मात्रा में पावर प्राप्त कर सकेगा। कृषि एवं घरेलू उपभोक्ताओं को गुणवत्ता पूर्ण विद्युत उचित वोल्टेज पर प्राप्त हो सकेगी एवं ओवरलोड की वजह से ट्रिपिंग की समस्या से निजात मिलेगी। निरीक्षण के वक्त राजस्थान विद्युत प्रसारण निगम के अधीक्षण अभियन्ता, एक्सईएन,ब्लॉक अध्यक्ष विक्रम जाट, मंडल अध्यक्ष आजाद पालीवाल, राजदीप सिंह राणावत आदि मौजूद थे।
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