मनुष्य शरीर की प्राप्ति परमात्मा का सबसे बड़ा वरदान है, इसमें रहकर लोक परलोक दोनों बनाये- पंकज महाराज

जहाजपुर (माय सर्कल न्यूज़ @रविकांत जोशी)। सन्त पंकज महाराज अपनी आध्यात्मिक वैचारिक जन जागरण यात्रा के साथ आज तहसील माण्डल के गांव मुकुनपूरिया पहुंचे। ग्रामवासिायों ने ग्राम दर्शन फेरी निकालकर यात्रा का स्वागत किया। यहां आयोजित सत्संग समारोह में अपने सम्बोधन में सन्त जी ने चौरास लाख योनियों में मानव को सर्वश्रेष्ठ बताते हुये कहां मनुष्य शरीर की प्राप्ति परमात्मा का सबसे बड़ा वरदान है। इसमें रहकर लोक परलोक दोनों बनाएं। इसके लिये किसी प्रभु की प्राप्ति करने वाले महापुरूष की तलाश करें, वह जो दया का प्रसाद दें अपना आत्म कल्याण करा लें। पैदा होने के पहले हम कहाँ थे, मृत्यु के बाद लोग कहाँ जा रहे, इसका संचालन कौन वहाँ से कर रहा? ये मनुष्य के जटिल प्रश्न सन्त महात्माओं द्वारा हल होंगे। 
सन्त पंकज महाराज ने ‘‘तिल भर मच्छी खाइ कै, कोटि गऊ दे दान। काशी करवट ले मरै, तो भी नर्क निदाना’’ को उद्धृत करते हुये कहा तिल भर भी मछली खा लेने पर उसकी सजा भोगनी पड़ेगी। इसलिये आप सभी से प्रार्थना है कि मांस, मछली, अण्डा, शराब को छोड़कर शाकाहारी-सदाचारी बनें। कुछ आत्मा का धन कमा लें जो अन्त समय में आपके काम आये। दोनों आँखों के मध्य भाग में आत्मा विराजमान है वह आकाशवाणी, देववाणी पर उतार कर लाई गई अब उसका सम्बन्ध शब्द से टूट गया। बिना शब्द (नाम) के पकड़े सुरत (आत्मा) अपने अजर-अमर लोक में नही पहुंच सकती। मीराबाई को जब रविदास गुरू मिल गये तो उन्होंने कहा ‘‘पायो जी मैंने, नाम रतन धन पाया। वस्तु अमोलक दी मेरे सतगुरू, किरपा करि अपनायों।।’’ गुरू की महिमा अगम अपार है। वही आत्मा को भव सागर से पार करेंगे।
बाबा जयगुरुदेव के उत्तराधिकारी ने सुरत शब्द योग (नाम योग) की साधना के लियेे नामदान दिया तथा सुमिरन, ध्यान, भजन की क्रिया को समझाया। उन्होंने आगामी दिसम्बर माह की 20 से 24 तारीख तक जयगुरुदेव आश्रम आगरा-दिल्ली बाईपास मथुरा (उ0प्र0) में 75वां पावन वार्षिक भण्डारा आध्यात्मिक सत्संग मेला में भाग लेने का निमंत्रण दिया। मुकुनपुरिया गांव के लोगों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सराहनीय सहयोग किया। सुरक्षा एवं शान्ति व्यवस्था में पुलिस प्रशासन ने सहयोग किया।
इस अवसर राजस्थान संगत के उपाध्यक्ष हरिनारायण गुर्जर ‘भोपा’, उदयलाल सोनी, घनश्याम शर्मा, सुगन जाट, नारायण टांक, भागचन्द वैष्णव, किशन साहू, दिनेश सुथार, राजू साहू, उदयलाल धाकड़, नारायण प्रजापत, रामेश्वर धाकड़ पूर्व सरपंच, भँवर सिंह, शम्भू धाकड़, प्रभु धाकड़, लक्ष्मण धाकड़, रामपाल मीणा, रामेश्वर वैष्णव, श्यामलाल वैरवा, हरजी रायका सरपंच, भँवर सिंह जी.एस.एस. अध्यक्ष, नरेन्द्र धाकड़, उप सरपंच, रामलाल धाकड़, दलपत वैष्णव, हीरा गुर्जर, सत्तू पारिक आदि उपस्थित रहे। अगला सत्संग कार्यक्रम कल (आज) तहसील जहाजपुर के गांव पीपलूंद में सायं 3.30 बजे से आयोजित है।

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