दीवाना शाह के उर्स में उमड़े जायरीन, कुल की छींटे के साथ ही उर्स का समापन

कपासन। प्रख्यात सूफी संत हज़रत दीवाना शाह साहब र.अ. का 82वां तीन दिवसीय उर्स का समापन उर्से दीवाना मुबारक हो के नारों के साथ सम्पन्न हुआ।
दरगाह वक्फ कमेटी के सैक्रेट्री मोहम्मद यासीन खाँ अशरफी के अनुसार बाबा हुजूर का 82वां तीन दिवसीय उर्स शुक्रवार रात्रि 3ः30 बजे गुस्ल की रस्म अदा हुई व प्रातः 6 बजे देग का खाना तकसीम हुआ।
 08ः00 बजे शाही महफिल खाने में महफिले मिलाद से कुल की महफिल शुरू हुई। कव्वाल पार्टियो ने सुफियाना कलाम बारी-बारी से पेश कर दाद बटोरी आखिर में हज़रत महबूबे इलाही र.अ. के मुरीदे खास तूतीऐ हिन्द हज़रत अमीर खुसरो र.अ. द्वारा 800 साल पूर्व रचित ’’आज रंग है री माँ, रंग है री’’ पढ़ा तो अमीर खुसरो के कलाम सुनकर जायरीने दीवाना पर एक साथ कैफियत तारी होने लगी। पूरे दरगाह परिसर में बैठे आशिके दीवाना झूम उठे और दिल खोल कर कव्वालो को ईनाम दिया। उसके बाद कुल की फातिहा शुरू हुई तिलावते कलामे पाक के बाद शिजरा पढा, हुजूर सरकारे दो आलम स.अ.व. बुजुर्गानेदीन, अल्लाह के वलियों एवं बाबा हुजूर के वसीले से मुल्क में अमनो सुकून की दुआ की गई तो पूरा दरगाह परिसर आमीन-आमीन की सदाओं से गूंज उठा। जो व्यक्ति जहा था वही खड़ा-खड़ा बाबा हुजूर से अपनी इल्तिजा मन-ही-मन में इस तरह से कर रहा था मानो बाबा हुजूर उसके सामने खड़े होकर सुन रहे है। जोहर की अज़ान से पहले कुल की फातिहा के बाद कुल के छींटे लगते ही जायरीने दीवाना ये सोच कर अपने घर के लिए रवाना हो गया की बाबा हुजूर ने मुझे विदाई दे दी है।

राजस्थान बार्ड ऑफ मुस्लिम वक्फ जयपुर के चेयरमेन डॉ0 खानु खान बुधवाली ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, जिला प्रशासन, स्थानीय प्रशासन, पुलिस, नगरपालिका, बिजली, पानी, रोडवेज, रेल्वे अधिकारियों का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि बाबा हुजूर की दरगाह में जो गंगा जमनी तहजीब देखने को मिली आज पूरे मुल्क में ऐसी ही जरूरत है। आज के दिन खास तौर से बाबा हुजूर के शिष्य मास्टर हरीराम कुमावत को याद कर कहा कि ऑल राजस्थान में पहली दरगाह है जहा पर किसी प्रकार का कोई अतिक्रमण नही है। राजस्थान के वक्फ बोर्ड के अधीन जितनी भी दरगाह कमेटियां है उन्हे चाहिए की कपासन में आकर देखे की यहा की कमेटी कैसे काम करती है। कमेटी का हर सदस्य काम के प्रति जागरूक है।
इस मौके पर 82वें उर्स में राजस्थान बार्ड ऑफ मुस्लिम वक्फ जयपुर के सदस्य हाजी युसूफ खाँ, शब्बीर शैख, ख्वाजा गरीब नवाज खुद्दाम अन्जुमन कमेटी के सैक्रेट्री अब्दुल वाहीद अंगारा एवं सैयद शोकत चौधरी, पूर्व विधायक कय्यूम खाँ मौजूद थे।

मुख्य मज़ार के पट कल खुलेंगे
27 अगस्त को प्रातः 5 बजे आस्ताना ऐ आलिया में स्थित मुख्य मज़ार के पट आम जायरीन के दर्शन हेतु खोले जाएगें।

इस साल का नया तामीरी काम :- बाबे विलायत का राजस्थान बार्ड ऑफ मुस्लिम वक्फ जयपुर के चेयरमेन डॉ0 खानु खान बुधवाली ने उद्घाटन किया एवं आयशा मस्जिद में मस्तुरात के लिए नया वजू खाना बनाया गया। अहमद कबीर मंजिल मे द्वितीय मंजिल का निमार्ण कराया गया।

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