चित्तौड़गढ़। स्थानीय आई.पी.एस. मेमोरियल फाउंडेशन द्वारा विश्व संगीत दिवस के अवसर पर ऋतुराज वाटिका में आयोजित कार्यक्रम में संस्थान के संस्थापक विजय मलकानी के नेतृत्व में कलाकारों ने संगीत के सुरों का जादू कुछ इस तरह बिखेरा कि उपस्थित संगीत प्रेमी एवं श्रोतागण झूमने और बार बार तालियां बजाने पर मजबूर हुए। जानकारी देते हुए संस्थान के संयोजक संदीप सेठिया एवं महेंद्र शर्मा ने बताया कि संस्थान द्वारा कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि
रावतभाटा एडीएम विनोद मल्होत्रा एवं कार्यक्रम की अध्यक्षा श्रीमती संतोष
मल्होत्रा द्वारा माँ सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन कर की गई।
इसके बाद संस्थान की गायिका परविंदर कौर द्वारा लता मंगेशकर द्वारा गाए हुए गीत 'सत्यम शिवम सुन्दरम' को बखूबी पेश किया बाद में प्रदीप ऋषि ने 'हम बोलेगा तो बोलोगे की बोलता है' गा कर श्रोताओं की खूब तालियां बटोरी। इसके बाद भगवती लाल और निशा ने "क्या खूब लगती हो' को बखूबी गाया, संजय कोदली ने "खुदा भी आसमा से जब जमी पर देखता होगा" को बेहद सुरीले अंदाज में पेश किया।
वहीं कैलाश चन्द्र लौट ने मोहम्मद रफी साहब के सुपर हिट गीत "ओ मेरे शाहे खुबा ओ मेरी जाने जनाना" को गा कर श्रोताओं को आकर्षित किया। महेंद्र शर्मा ने "मेरे दिल ने तड़प के" गा कर किशोर कुमार और
राजेश खन्ना की याद ताजा की इसके ठीक बाद संस्थापक विजय मलकानी ने “मेरे सपनों की रानी कब आएगी तू' से एंट्री ली और मंच पर आते ही कल्पना गहलोत के साथ" आजा शाम होने आयी" तो परविंदर कौर के साथ "इक घर बनाऊँगा, तेरे घर के सामने" और भारती गहलोत
के साथ “ये मेरा इंडिया" गा कर कार्यक्रम में रंग जमा दिया एवं खूब तालियां बटोरी। इसके बाद निशा ने "लो आ गई उनकी याद" ने श्रोताओं को मंत्र मुग्ध किया फिर भगवतीलाल ने "तेरी आंखों के सिवाय” वहीं संजय कोदली ने "आने से उसके आए बहार" तो विजय मलकानी और कल्पना ने “आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे " पेश किया तो वही परविंदर कौर और विजय मलकानी ने "देखके तुमको दिल डोला है" तो भारती
गहलोत और विजय मलकानी ने "अच्छा जी मैं हारी मान जाओ ना” गा कर श्रोताओं और संगीत प्रेमियों के दिल पर गहरी छाप छोड़ी लगभग तीन घंटे तक चले कार्यक्रम में इस बीच कैलाश चन्द्र ने "ए फूलों की रानी”
भगवती लाल ने "गोरे गोरे मुखड़े पर दो आंखे" तो दर्शकों की फर्माइश पर विजय मलकानी और कल्पना ने "हम तुम युग युग' के गीत मिलन के तो अन्य फर्माइश पर विजय मलकानी और भारती गहलोत ने "मेरा प्यार भी तू है ये बहार भी तू है" तो महेंद्र शर्मा ने "ओ मेरे दिल के चैन" को बखूबी निभाया। कार्यक्रम में माननीय अतिथियों के अलावा डॉ. आई. एम. सेठिया, श्रीमती विमला सेठिया, अर्बन बैंक प्रबंधक श्रीमती वंदना वजीरानी, रिटायर्ड
डी.ई.ओ. कल्याणी दीक्षित, डॉ. डी. एल. लढ्ढा, संरक्षक फुलवंत सिंह सलूजा,
मधुसूदन रांदेड, समाज सेविका श्रीमती सतीश शर्मा, सुमन कोदली, पद्मा दशोरा, जगदीशचन्द्र दशोरा, अरविंद व्यास, महेंद्र जोशी, राजेन्द्र शर्मा, प्रदीप दक, प्रवीण गहलोत, शिवप्रकाश राजपूत, गिरीश दीक्षित, के. के. शर्मा, मुकेश सपरा, इत्यादि कई संगीत प्रेमी उपस्थित थे कार्यक्रम का संचालन डॉ. सुशीला लढ्ढा एवं अधिवक्ता भारती गहलोत द्वारा किया गया।
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