रावतभाटा क्षेत्र में देवा गुर्जर की हत्या के बाद हंगामा, आगजनी और तोड़फोड़

चित्तौड़गढ़। जिले के रावतभाटा में सोमवार शाम को हिस्ट्रीशीटर देवा गुर्जर पर अज्ञात लोगों ने जानलेवा हमला कर दिया था जिससे वह गम्भीर घायल हो गया। उसे उपचार के लिए कोटा रैफर किया गया जहां उसकी मौत हो गई। मामले में पुलिस ने अलग-अलग टीमें बनाकर आरोपियों की धरपकड़ के लिए दबिश देना शुरू कर दी हैं।


 जानकारी के अनुसार देर रात मुख्यालय अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कैलाश सिंह सांदू चार थानों के थानाधिकारी सहित अतिरिक्त जाब्ता एवं मेवाड़ भील कोर की एक टुकड़ी को रावतभाटा एहतियात के तौर पर भेजा गया।
 मंगलवार सुबह कोटा रावतभाटा मार्ग पर ग्राम बोराबास में कुछ लोगों ने मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। जिस की जानकारी लगते ही प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया। वहीं ग्रामीणों ने सड़क के बीच टायर जलाकर अपना विरोध शुरू किया। दोनों तरफ वाहनों को रोक दिया गया। वही बोर्ड परीक्षा के लिए प्रैक्टिकल एग्जाम देने जा रहे विद्यार्थियों को भी रोका गया। कुछ लोगों ने कोटा रावतभाटा मार्ग पर चलने वाली रोडवेज बस में आग लगा दी। वही प्रतापगढ़ कोटा बस रोडवेज में भी तोड़फोड़ कर दी। जिस पर कोटा प्रशासन ने रैपिड एक्शन फोर्स की एक टुकड़ी बोराबास ग्राम भेजी। 
अतिरिक्त पुलिस जाब्ता भी लगाया गया। दोपहर में महाराव भीम राव राजकीय चिकित्सालय की मोर्चरी में हिस्ट्रीशीटर देवा गुर्जर के शव का पोस्टमार्टम किया गया। उसके बाद अंतिम संस्कार के लिए शव परिजनों को सौंपा गया। जानकारी के अनुसार देवा गुर्जर कोटा के आर.के. पुरम थाना और रावतभाटा थाने का हिस्ट्रीशीटर बताया गया। रावतभाटा थाने में 15 से अधिक मुकदमे दर्ज है। वहीं चित्तौड़गढ़ पुलिस अधीक्षक प्रीति जैन भी रावतभाटा पहुंची और पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों के साथ आपात बैठक ली।
 उसके बाद क्राइम सीन पर जाकर जानकारी जुटाई। पुलिस ने मुकदमा दायर कर दो आरोपियों को डिटेन किया है। वही तीन आरोपियों को राउंडअप किया गया है। पुलिस अधीक्षक प्रीति जैन ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि पुलिस का पहला उद्देश्य अपराधियों को पकड़ना है।
  जिसके लिए टीमों का गठन किया गया है आगे की कार्यवाही जारी है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा। जानकारी के अनुसार हिस्ट्रीशीटर देवा गुर्जर की दो पत्नियां और 9 बच्चे हैं।

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