जांच के नाम पर लोगों को सताना बंद करें अन्यथा जनता न्याय करना जानती है- कृपलानी

निम्बाहेड़ा। पूर्व स्वायत्त शासन मंत्री श्रीचंद कृपलानी ने मंगलवार को मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि राज्य के करौली में भारतीय नववर्ष पर आयोजित रैली में सुनियोजित तरीके से पथराव होने के पश्चात भड़के दंगे के उपद्रवियों के अपराध पर पर्दा डाल कर दोषियों को बचाने व अपनी नाकामी छिपाने के लिए राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, पीएम नरेंद्र मोदी एवं गृह मंत्री अमित शाह पर बेबुनियाद आरोप लगाकर अपनी सरकार की नाकामी पर पर्दा डाल रहे है।
कृपलानी ने कहा कि मुख्यमंत्री अपनी जिम्मेदारी से परे उपद्रवियों पर कार्यवाही नही कर उलटे बयान देते है कि *"अब चुनाव आने वाले हैं और भाजपा के बड़े पदाधिकारी प्रदेश के दौरे पर रहेंगे, ऐसे में अब दंगे होंगे"* यह उनकी घटिया मानसिकता को दर्शाता है। 
कृपलानी ने कहा कि कांग्रेस की तुष्टीकरण की राजनीति के चलते पिछले 70 वर्षों से बहुसंख्यक समाज को हीन दृष्टि से देखा जा रहा है, उसी का कारण है कि प्रदेशवासियों ने भाजपा पर हमेशा विश्वास किया है और आने वाले समय में भी इनके शासन से दुखी होकर भाजपा को विजयी बनाने का मन बना चुके हैं। 
कृपलानी ने मुख्यमंत्री को आगाह किया कि वे तुष्टिकरण की राजनीति छोड़ कर सुशासन तथा विकास की ओर ध्यान देते हुए करौली मामले की निष्पक्ष जांच करें तथा जांच के नाम पर लोगों को सताना बंद करें अन्यथा जनता न्याय करना जानती है। 
कृपलानी ने पीएफआई के मोहम्मद आसिफ के द्वारा लिखे पत्र पर को भी गंभीरता से नही लेकर सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, जबकि पीएफआई को देश मे आधा दर्जन राज्यों द्वारा प्रतिबंधित करने तथा बावजूद पीएएफ की राजस्थान में अनैतिक गतिविधियों पर रोक नही लगाना, कहाँ तक न्यायोचित है।

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