चित्तौड़गढ़। देश के समस्त गो सैनिको को सुचित किया जाता है कि कामधेनु सेना देश में 6 उद्देश्य गोसेवार्थ, गोरक्षार्थ, जनहित, धार्मिक, राष्ट्रहित, हिन्दुत्व पर कार्य कर रही हैं। सभी कार्य को ध्यान में रखते हुए कामधेनु सेना के संस्थापक श्री श्री 1008 महामण्डलेश्वर स्वामी कुशालगिरी महाराज अपने भक्तों सहित उज्जैन (मध्यप्रदेश) स्थित प्रख्यात काल भैरव मन्दिर के दर्शन कर वापस आते समय कामधेनु सेना के राजस्थान प्रदेशाध्यक्ष अशोक राणेजा, चित्तौड़गढ जिला अध्यक्ष रमेश चन्द कुमावत, चित्तौड़गढ तहसील प्रभारी राजेश कुमार शर्मा, विकास कुमार, धनुपिया आदि ने कामधेनु सैनिकों ने स्वामी महाराज का पुष्पमाला पहनाकर व पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत सम्मान किया। पश्चात स्वामी ने बताया कि राजस्थान प्रदेश में जो भयानक गोवंश में फैली लम्पी महामारी के दौरान देश के समस्त कामधेनु सैनिकों ने निःस्वार्थ भाव से समय निकालकर जो सेवा गोवंश के प्रति की उसके लिए समस्त गोभक्तों व कामधेनु सैनिको को साधुवाद दिया। प्रदेश में फैली लम्पी से पीड़ित गोवंश की निःस्वार्थ भाव से सेवा करने वाले कामधेनु सैनिकों व गोभक्तों को ‘लम्पी योद्धा’ की उपाधि से सम्मानित कर आशीर्वाद दिया। प्रदेशाध्यक्ष ने बताया कि चित्तौड़गढ़ ही नही पूरे भारत देश में अगर गोवंश की सेवा करने का मौका मिलता है तो हम कामधेनु सैनिक व गोभक्त इसी तरह सेवा करते रहेंगे। चित्तौड़गढ कामधेनु सेना टीम हमेशा ही सक्रिय रूप से सेवा करती रहती है आगे भी इसी प्रकार करती रहेगी। इस दौरान कमलेश कुमावत, कृष्ण कुमार सैन, राहुल तेली, सत्यनारायण कुमावत, मनोज कुमावत, कमलेश समदानी, जसवंत मेनारिया जगदीश वैष्णव,नवीन गुर्जर, करण मालवी इत्यादि कामधेनु सैनिक व गौभक्त मौजूद रहे।
0 टिप्पणियाँ