बजट घोषणाओं के सफल क्रियान्वयन में अधिकारियों एवं कर्मचारियों की अहम भूमिका-सीएम गहलोत


जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (CM ASHOK GAHLOT) ने कहा कि बजट घोषणाओं का समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन किया जाएं। उन्होंने कहा कि पिछले चारों बजट की 2722 घोषणाओं में से 95 प्रतिशत से अधिक घोषणाओं की स्वीकृति जारी की जा चुकी है तथा 87 प्रतिशत घोषणाओं की क्रियान्विति पूर्ण एवं प्रगतिरत हैं। राज्य सरकार (STATE GOVERNMENT) अपनी जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
गहलोत बुधवार को शासन सचिवालय में बजट घोषणाओं की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बजट को लेकर आमजन में विद्यमान उत्साह को संतुष्टि में बदलने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य कर घोषणाओं का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि बजट में युवा, किसान, पशुपालक, श्रमिक, विद्यार्थी, बुजुर्ग, महिलाओं सहित सभी वर्गाें का ध्यान रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट घोषणाओं के सफल क्रियान्वयन में अधिकारियों एवं कर्मचारियों की अहम भूमिका रहती है। जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने में राज्य के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सराहनीय कार्य किया है। उन्होंने कहा कि कार्मिकों की प्रतिबद्धता का ही परिणाम है कि पिछली बजट घोषणाओं में से अधिकतर सफलतापूर्वक लागू की जा चुकी हैं। इस बार की घोषणाओं को आमजन तक पहुंचाने पर भी तेजी से कार्य किया जाए।
गहलोत ने कहा कि हमने बजट में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को कानून के रूप में लाना प्रस्तावित किया है, जिससे जरूरतमंद व्यक्तियाें एवं परिवारों को पात्रता आधारित सामाजिक सुरक्षा प्राप्त हो सके। बजट में आर्थिक सम्बल प्रदान करने के लिए विभिन्न पॉलिसी एवं एक्ट की भी घोषणा की है। इनमें राजस्थान फार्मर्स डेब्ट रिलीफ एक्ट, राजस्थान लॉजिस्टिक्स सर्विस डिलीवरी कॉर्पोरेशन, गीग वर्कर्स वेलफेयर एक्ट, बॉयो टेक्नॉलोजी पॉलिसी-2023, महात्मा गांधी मिनिमम गांरटी इनकम योजना, मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री युवा उद्यम प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री चिंरजीवी श्रमिक सम्बल योजना आदि शामिल हैं। इन पॉलिसी और कानूनों को लागू करने का कार्य तेजी से पूरा होना चाहिए ताकि जल्द से जल्द इनका लाभ आम जनता को मिल सके।
मुख्य सचिव उषा शर्मा (Chief Secretary Usha Sharma) ने कहा कि सभी विभाग बजट घोषणाओं को समयबद्ध रूप से लागू करने के लिए कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बजट घोषणाओं को तीन श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है। इसमें ए-श्रेणी में वे योजनाएं हैं, जिनके लिए सिर्फ प्रशासनिक स्वीकृति की आवश्यकता है। वहीं बी-श्रेणी में वे योजनाएं हैं, जिनके लिए कार्मिक एवं वित्त विभाग की सहमति चाहिए। सी-श्रेणी में वे योजनाएं हैं, जिनमें वित्तीय भार होने के कारण वित्त विभाग से स्वीकृति आवश्यक है। इसी वर्गीकरण के आधार पर सभी विभाग अपनी कार्ययोजनाएं तैयार कर रहे हैं तथा घोषणाओं को लागू करने की प्रक्रिया की हर स्तर पर प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जा रही है।
अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त अखिल अरोडा ने कहा कि सभी विभागों से चर्चा कर बजट घोषणाओं को लागू करने का कार्य शुरू कर दिया गया है। बजट प्रस्तुत होने के बाद से सभी विभाग तेजी से अपनी कार्ययोजनाएं तैयार करने में जुटे हुए हैं।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ