चित्तौड़गढ़। बेंगू क्षेत्र के गांव गोविन्दपुरा शहीद स्थली पर बने शहीद रूपाजी और करपाजी के पैनोरमा का करीब 2 साल पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ऑनलाइन उदघाटन किया था। लेकिन उस पर ताले लगे हुए थे। चित्तौड़गढ़ जिले में गुरूवार को मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे से पहले जिला प्रमुख की मांग पर बुधवार रात को प्रशासन ने पैनेरामा के ताले खुलवाएं। गुरूवार सुबह 11 बजे चित्तौड़गढ़ जिला प्रमुख डाॅ. सुरेश धाकड़ गोविन्दपुरा पहंुचे और पैनोरमा का निरीक्षण किया।
जिला प्रमुख डाॅ. सुरेश धाकड़ ने बताया कि देश की आजादी में किसान आन्दोलन में शहीद हुए रूपाजी और करपाजी शहीदों का पैनोरमा का 4 साल पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने शिलान्यास किया था। जिसका मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने करीब 2 साल बाद उद्घाटन किया था। उद्घाटन के बाद भी पैनोरमा सार्वजनिक तौर पर नहीं खुला। गुरूवार को मुख्यमंत्री गहलोत के जिले के सेमलपुरा में प्रस्तावित दौरे को देखते हुए जिला प्रमुख और बेंगू के पूर्व विधायक डाॅ सुरेश धाकड़ ने प्रशासन को अवगत कराया कि उद्घाटन के बाद भी गोविन्दपुरा में पैनोरमा बन्द है। जिस पर ताला लगा हुआ है। जिला प्रमुख डाॅ सुरेश धाकड की मांग के बाद प्रशासन हरकत में आया। मुख्यमंत्री के दौरे से पहले बुधवार रात करीब 8 बजे एसडीएम के निर्देश पर विकास अधिकारी, भीमराज जायसवाल और अन्य अधिकारी मौके पर पहंुचे रूपाजी करपाजी शहीदों के पैनोरमा के ताले खुलवाएं। पैनोरमा हमेशा जनता के लिए सुबह 10 से सायं 5 बजे तक खुला रहेगा। देखेरेख और व्यवस्था की जिम्मेदारी गोविन्दपुरा पंचायत को सौंपी गई। करीब 2 करोड़ की लागत से बना शहीद रूपाजी और करपाजी के पैनोरमा 2 साल में पहली बार खुला गुरूवार को जिला प्रमुख डाॅ. सुरेश धाकड़, प्रधान नारू लाल भील, गोविन्दपुरा के सरपंच प्रतिनिधि, निलेश चतुर्वेदी, संजय जैन, शंकर लाल धाकड़, मदन लाल धाकड़ आदि मौजूद रहे। जिला प्रमुख ने कहा कि शहीद हमारे लिए पूजनीय है। सभी लोग पैनोरमा में प्रदर्शित शहीदों की गाथा को देखकर देश भक्ति की प्ररेणा लेंगे।
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