चित्तौड़गढ़। जिले के अफीम किसानों ने गुरुवार को बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट चौराहे पर प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम जिला कलक्टर को ज्ञापन देकर डोडाचूरा नष्टीकरण आदेश के निरस्त करने, डोडाचूरा को एनडीपीएस एक्ट से बाहर करने और धारा 8/29 को हटाने की मांग की है।
जिले भर के अफीम किसान अफीम किसान संघ राजस्थान मध्य प्रदेश अध्यक्ष दुर्गेश जोशी के आह्वान पर गुरुवार प्रात: उदयपुर मार्ग स्थित महाराणा प्रताप पीजी कॉलेज के मैदान में एकत्रित होकर वहां से रैली के रुप में हाथों मे डोडाचूरा नष्टीकरण आदेश के निरस्त करने, डोडाचूरा को एनडीपीएस एक्ट से बाहर करने और धारा 8/29 को हटाओ जैसे स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट चौराहा पहुंचे। जहां कई वक्ताओं ने किसानों को संबोधित किया। इसके बाद अफीम किसानों ने मानव श्रृंखला बनाकर प्रदर्शन कर जिला कलक्टर पीयूष सामरिया को दिए ज्ञापन में डोडा चूरा नष्टीकरण का मुआवजा देने, धारा 8/29 एनडीपीएस एक्ट हटाए जाने, अफीम का मूल्य बढ़ा कर 20 हज़ार रुपये किलो करने, रिकवरी, सीपीएस, मार्फीन नियम हटाए जाने की मांग की। अफीम किसानों ने सरकार को 3 सितंबर तक का समय देते हुए मांगे नहीं मानने पर 4 सितम्बर को पून: जिला कलेक्ट्रेेट पर प्रदर्शन, आमरण अनशन की चेतावनी दी है। अफीम किसानों का कहना है कि किसान चार महीने रात दिन कड़ी मेहनत कर अफीम की खेती करते हैं। लेकिन कई बार अफीम व डोडाचूरा चोरी हो जाता है। जब किसान डोडाचूरा घर में रखता है तो तस्करी का केस बना दिया जाता है। किसानों ने डोडाचूरा का मुआवजा 1200 रुपये किलो देने की भी मांग की। इस धरना प्रदर्शन में अफीम किसान संघ पदाधिकारी पूनम चंद तेली, प्रहलादराय तेली, शंकर लाल जाट, भगवती लाल व्यास, पूर्व सरपंच पूरण अहीर सहित बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए। इस दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बुगलाल मीणा, कोतवाली थाने के उपनिरीक्षक नरेन्द्रसिंह, शम्भूपुरा थाना अधिकारी मोतीराम सारण मय जाप्ता मौजूद रहे।
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