बच्चों से मजदूरी नही करवाये, बाल उत्थान हेतु सरकार की अनेक योजनाएं - डॉ. गुप्ता


चित्तौड़गढ़, (सलमान)। बालश्रम निषेध दिवस के अवसर पर प्रयास, चाइल्ड लाइन उपकेन्द्र निम्बाहेडा, श्रम विभाग और जिला एवं तालुका विधिक सेवा प्राधिकरण के संयुक्त तत्वावधान में अरनोदा में जन सभा का आयोजन किया गया। जनसभा को संबोधित करते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य वैज्ञानिक डॉ. नरेन्द्र गुप्ता संयोजक जनस्वास्थ्य अभियान राजस्थान एवं सलाहकार प्रयास ने कहा कि बच्चों से किसी भी प्रकार की मजदूरी नही करवाना चाहिए, यदि परिवार की आर्थिक परेशानियां है तो सरकार द्वारा अनेक योजनाएं संचालित की जा रही है उनका लाभ उठाएं। उन्होंने बालश्रम उन्मूलन एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं पर विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि संविधान में जीने का अधिकार दिया है तो गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा का अधिकार भी इसमें निहित है। डॉ गुंप्ता ने बाल विवाह से महिला स्वास्थ्य पर पडने वाले दुष्परिणमों के बारें मे विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि गर्भकाल से 1000 दिन तक बच्चों का शारीरिक एवं मानसिक विकास निर्भर होता है। इस अवधि में यदि पूर्ण पोषण नही मिला तो वह कुपोषित होगा। उन्होंने बालश्रम उन्मूलन, महिला हिंसा उन्मूलन, बाल विवाह. कन्या भु्रण हत्या को रोकने, निषुल्क जांच एवं दवा योजना सहित सरकार की विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं के प्रति चेतना एवं स्वास्थ्य सेवाओं सुगमता से पहुंच के लिए जन समुदाय की सहभागिता एवं संवेदनशीता बढ़ाने पर बल दिया। 
 अरनोदा सरोच योगेश पाटीदार ने कहा कि सरकार अनेक योजनाएं संचालित कर बालश्रम उन्मूलन के लिए प्रयास कर रही है। किन्तु सरकार की योजनाओं से लाभान्वित होने के लिए जागरूकता आवश्यक है। निम्बाहेडा बार संघ सदस्य एवं वरिष्ठ अधिवक्ता देवीलाल गायरी अरनोदा ने कहा कि श्रमिको एवं बच्चों की कानूनी सहायता में हर सभंव मदद की जाएगी। उन्होंने बाल संरक्षण अधिनियम, घरेलु हिंसा निवारण अधिनियम, निराश्रितों से सम्बंधित विधिक सेवा अधिनियम के बारे मेें जानकारी दी और कहा कि बच्चों की सहायता के लिए समस्त विभाग तत्पर है। 
रामेश्वर शर्मा समन्वयक प्रयास ने बालश्रम उन्मूलन एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा स्थापित चाइल्ड लाइन का निम्बाहेडा उपखण्ड में उपकेन्द्र का संचालन प्रयास द्वारा चाइल्ड लाइन इण्डिया फाउण्डेशन के सहयोग से किया जा रहा है। उन्होंने मातृत्व वंदना योजना, जेएसवाई, राजश्री योजना, श्रमिक कार्डधारियों श्रमिक हित योजना, चाइल्ड हेल्प लाइन, परिवार कल्याण कार्यक्रम के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। 
 नवलराम डांगी श्रम अधिकारी श्रम विभाग ने कहा कि बच्चों के हितों की रक्षा के लिए प्रशासन हर संभव मदद के लिए तत्पर है। बालश्रम उन्मूलन के लिए शिक्षा की महत्ता पर विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि बच्चों के लिए पढने का वातावरण तैयार हो के लिए माता-पिता के पूरजोर प्रयास करना होगा। इससे बच्चे बालश्रम से विमुक्त होंगे। उन्होंने श्रमिक कल्याण के लिए सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की। इस कार्यक्रम के अन्त में उपस्थित सभी संभागियों को डॉ. नरेन्द्र गुप्ता एवं श्रीमती रेखा नागदा ने बच्चों से श्रम नही करवाने एवं उन्हें शिक्षा जोडने की शपथ दिलाई। इसके पश्चात् शपथ पत्र पर सभी ने अपने-अपने हस्ताक्षर किये कि हम बच्चों से श्रम नही करवायेंगे।  
इस कार्यक्रम को उदय लाल गायरी, एलए, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अरनोदा,  शोभाराम, नारायण लाल भील, सुश्री ममता कल्याणा, श्रीमती प्रीति शर्मा, सुश्री नारायण कंवर, श्री गोपाल भील एवं फुलशंकर शर्मा ने सेवाएं प्रदान की। इस बैठक में सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों अन्य प्रबुद्व नागरिका श्रम विभाग के अधिकारियों एवं अरनोदा ग्रामीण महिला-पुरूषा और जनप्रतिनिधियों सहित लगभग 120 व्यक्तियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन फुलशंकर शर्मा ने किया।

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