चित्तौड़गढ़, (सलमान)। श्रमण संघीय आचार्य सम्राट डॉ शिव मुनि म सा की आज्ञा अनुवर्ती ओजस्वी वक्ता, दिवाकर ज्योति जय श्रीजी म सा ने शुक्रवार को खातरमहल में धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे शब्दकोश में एक बहुत ही महत्वपूर्ण शब्द है "जन्म", इसमें प्रथम अक्षर ज पूर्ण और अंतिम अक्षर म भी पूरा है, किंतु बीच का न अधूरा है , वैसे ही ज अर्थात जन्म लेना पूर्ण सत्य है,और मरण का प्रतीक म भी पूर्ण सत्य है किंतु जन्म के अंतिम चरण से मृत्यु के प्रथम चरण तक का समय जिसे हम जीवन कहते हैं वह आधा है, अधूरा है, अपूर्ण है, इसीलिए प्रभु महावीर ने गौतम जैसे 4 ज्ञान के धारक को भी कहा कि हे गौतम तुम समय मात्र का भी प्रमाद मत करो, प्रमाद मानव का सबसे बड़ा शत्रु है, वह अलौकिक सफलता में तो बाधा डालता ही है संयम पालन आदि में भी बाधक बन कर और लौकिक लाभ भी प्राप्त नहीं करने देता है।
प्रचार प्रसार सचिव सुधीर जैन ने बताया कि धर्म सभा को मधुर वक्ता साध्वी राज श्रीजी म सा ने भी संबोधित किया।
श्री संघ अध्यक्ष हस्तीमल चोरड़िया ने बताया कि खातर महल में चल रहे बाल संस्कार शिविर का शनिवार को समापन कार्यक्रम है।शनिवार को प्रातः 8:45 से प्रवचन प्रारंभ होंगे और प्रवचन के बाद बाल संस्कार शिविर का समापन कार्यक्रम संपन्न होगा।श्री संघ अध्यक्ष हस्तीमल चोरड़िया ने अधिक से अधिक संख्या में पधारने का अनुरोध किया। कार्यक्रम का संचालन श्री संघ मंत्री अजीत नाहर ने किया।
श्री जैन दिवाकर महिला परिषद और श्रीवर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संस्थान चित्तौड़गढ़ के तत्वाधान में साध्वी वाणी भूषण, दिवाकर ज्योति जय श्री जी म सा ठाणा 3 की प्रेरणा से संस्कार शिविर के तीसरे दिन भी लगभग 70 बच्चों ने भाग लिया ।शिविर में राजश्री जी म सा ने बच्चों को एक कहानी के माध्यम से संस्कारी ज्ञान की शिक्षा दी और बाद में महिला परिषद की बहनों द्वारा सामयिक सूत्र ,प्रतिक्रमण 25 बोल के थोकड़े, 24 तीर्थंकर भगवान के नाम आदि चीजें सिखाई गई तथा जैन ड्राइंग क्लास का आयोजन किया गया जिसमें बच्चों के द्वारा जैन स्तंभ का रेखांकन और चित्रण करवाया गया। श्री जैन दिवाकर महिला परिषद की अध्यक्षा अंगुरबाला भड़कत्या सहित महिला परिषद की निर्मला नाहर ,सीमा सिप्पाणी ,गुंजन कोठारी, हेमा बोहरा, सिद्धार्थ मेहता ,सिंपल मोदी, इंदिरा धाकड़ आदि ने सेवाएं दी।
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