बहुचर्चित गुर्जर हत्याकांड मामला : दिन दहाड़े दुकान में आग लगा कर वारदात को दिया था अंजाम, आरोपी को आजीवन कारावास की सजा


चित्तौड़गढ़। करीब 2 वर्ष पूर्व पहले सेंती के गुर्जर मौहल्ला में भैरूलाल गुर्जर पर पेट्रोल डालकर झुलसा देने एवं युवती को जला देने के मामले में सोमवार को अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश क्रमांक 2 के पीठासीन अधिकारी दिनेश नागौरी ने रमेश गुर्जर को आरोपी मानते हुए आजीवन कारावास और जुर्माने से दंडित किया है। प्रकरण के अनुसार 5 फरवरी 2020 को  भैरूलाल अपने जूतों की दुकान पर बैठा था जहां उसकी बेटी पूजा गुर्जर भी थी। इसी दौरान सेंती निवासी रमेश गुर्जर पेट्रोल की बोतल लेकर आया और भैरूलाल पर छिड़ककर आग लगा दी। घटना में भैरूलाल की पुत्री भी झुलस गई। इस आशय की रिपोर्ट दर्ज कराई गई और उपचार के दौरान भैरूलाल की पुत्री पूजा गुर्जर का निधन हो गया। पुलिस ने धारा 302 को प्रकरण में शामिल कर चार्जशीट प्रस्तुत की। अपर लोक अभियोजक अब्दुल सत्तार ने अभियोजन पक्ष की ओर से 16 गवाहों का परीक्षण कराकर 25 दस्तावेज पेश किये। जिस पर पीठासीन अधिकारी दिनेश कुमार नागौरी ने उभय पक्षों की बहस सुनने, गवाहों के साक्ष्य और मेडिकल साक्ष्य के आधार पर रमेश गुर्जर को मुलजिम मानते हुए पूजा की हत्या कारित करना मानते हुए आजीवन कारावास व 10 हजार रूपये के जुर्माने से दंडित किया। वहीं हत्या के प्रयास के अपराध के लिए 10 साल का कठोर कारावास और 5 हजार का जुर्माना, दुकान में रखे सामान को जलाकर नुकसान करने के मामले में 10 साल कारावास और 5 हजार रूपये जुर्माना एवं अनाधिकृत रूप से दुकान में घुसकर अत्याचार करने के मामले में 2 साल का कठोर कारावास व 2 हजार रूपये से दंडित किया है। गौरतलब है कि यह मामला काफी चर्चित रहा था।

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