भीमगढ़ के डाॅ. दिनेश व्यास ललकार ने जर्मनी से गूंजया और फैलाया वन्दे मातरम्

चित्तौड़गढ़। जर्मनी में रह रही इंदु नांदल के।नेतृत्व में 150 से अधिक देशभक्ति
की कविताओं के अंतरराष्ट्रीय काव्य संग्रह का विश्व रिकार्ड बन गया। इंदु ने बताया कि यह देश प्रेम से ओतप्रोत रचनाओं का विश्व रिकार्ड भारत माता को समर्पित है।
इंदु का दूसरा विश्व रिकार्ड है। पहला विश्व रिकार्ड उन्होंने रामायण पर 665 पंक्तियों की कविता लिखकर वर्ल्ड बुक आफ
रिकार्ड लंदन के साथ बनाया था। उन्होंने कहा कि उनके ये प्रयास साहित्य व संस्कृति का प्रचार व सेवा करने के लिए हैं। इंदु 2008 से 2020 तक इंडोनेशिया में
अध्यापिका के रूप में कार्य कर चुकी हैं।
इंदु नांदल के नेतृत्व में इस विश्व रिकार्ड में शामिल हुए रचनाकारों में सुरेश चौधरी
कोलकाता, दुर्गा सिन्हा 'उदार' अमेरिका, लीना शारदा इंडोनेशिया, स्वर्ण तलवाड, यूके, साहिल नांदल कनाडा, डा. गौतम सागर जर्मनी, वैशाली रस्तोगी इंडोनेशिया,
कादंबरी आदेश अमेरिका, वंदना
खुराना यूके, डाॅ. दिनेश व्यास "ललकार" भारत, अस्मिता शैली, कुलवंत कौर चनं फ्रांस, मोहिंदर सिंह जगी पंजाब, रणजीत सिंह चंन फ्रांस, डा. संगीता भारद्वाज मैत्री, गोविंद गुप्ता आदि। इंदू ने बताया कि देश प्रेम पर विश्व रिकार्ड बनाना एक अत्यंत
सुखद अनुभव था। उन्होंने बताया कि 86 वर्ष की आयु में हरियाणा।की कमला राठी ने देशभक्ति पर कविताएं लिख सबको देश पर लिखने के लिए प्रेरित किया। इंदु नांदल ने इंटरनेशल बुक आफ रिकार्ड्स की पूरी टीम का तहेदिल से धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम सिर्फ विश्व रिकार्ड नहीं है ये 72 रचनाकारों की 154 देश भक्ति की कविताओं का अंतरराष्ट्रीय
काव्य संग्रह है जो राष्ट्रीय भाव बन हर हृदय में उतर जाएगा। 

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ