प्रधानमंत्री कार्यालय ने दुबारा जताया भरोसा राणावत पर



चित्तौड़गढ़। प्रधानमंत्री कार्यालय ने दुबारा तख्तसिंह राणावत पर दुबारा भरोसा जताया हैं। तख्तसिंह राणावत मूलतः चित्तौड़गढ़ जिले के गंगरार तहसील के चोगावड़ी गांव के रहने वाले हैं। कर्नाटक केडर के 2007 बेच के आईएफएस अधिकारी है। उनको पीएमओ कार्यालय के डीओपीटी के द्वारा लगातार दूसरी बार भारी उद्योग एवं इस्पात के केबिनेट मंत्री एचडी कुमारस्वामी का निजी सचिव नियुक्त किया गया है। तख्तसिंह राणावत आईआईटी चेन्नई से हैं। वर्ष 2007 में आईएफएस में उनका चयन हुआ था। पूर्व में राणावत कर्नाटक में कोडगु सर्कल, मदिकेरी में वन संरक्षक के पद पर तैनात थे। उन्होंने कारवाड़ा, बेल्लारी, रामनगर व चिकमंलूर में भी अपनी सेवाएँ दी है। श्री राणावत ने कनकपुरा व रामनगर व बेल्लारी में अवैध खनन पर नकेल कसने के लिए एक ईमानदारी अधिकारी के रूप में ख्याति अर्जित की है। इनके पिता स्व. श्री किशनसिंह राणावत पुलिस निरीक्षक के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। माता मिट्ठूकंवर गृहीणी हैं। इस पद से पूर्व राणावत केन्द्रिय राज्य मंत्री शोभाकरंद राजे के निजी सचिव थे। राणावत शुरू से ही मेधावी छात्र थे। उनकी प्रारंभिक शिक्षा सेन्टपॉल, चित्तौड़गढ़ में हुई। मंत्रालय में उनकी पहचान एक ईमानदार अधिकारी के रूप में है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने उन पर लगातार दूसरी बार भरोसा जताते हुए भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्रालय में निजी सचिव के पद पर उनको नियुक्त किया गया है। इनका अपने गांव चौगावड़ी से विशेष लगाव है। वे अपने व्यस्त समय में भी हर कार्यक्रम में गांव आते हैं। उनकी सादगी से पूरा गांव प्रभावित है। उन्होंने दो वर्ष पूर्व अपने पिता की स्मृति में एक शिव मंदिर व एक छतरी का निर्माण अपने गांव में करवाया। श्री राणावत राजस्थान सरकार के राज्यमंत्री सैनिक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष प्रेमसिंह बाजौर के दामाद है। उनकी नियुक्ति से पूरे चौगावड़ी में हर्ष का वातावरण है। सैंती क्षेत्र से क्षत्रिय समाज के घनश्यामसिंह पुरावत, गजेन्द्रसिंह खंगारोत, मंगलसिंह खंगारोत आदि के एक प्रतिनिधि मंडल ने कल दिल्ली पहुँच कर उनको हार्दिक शुभकामनाएँ दी।

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