चित्तौड़गढ़। भूपालसागर की 50 वर्षीय रतनी बाई का घर पर पैर फिसल गया था। आनन-फानन में परिजन रतनी बाई को कपासन के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने बताया कि ऑपरेशन करना पड़ेगा और ऑपरेशन में 70 हजार तक का खर्च आएगा। यह सुनते ही रतनी बाई को दर्द के साथ रुपयों की व्यवस्था की चिंता भी सताने लगी।
मिट गई खर्च की चिंता
परिजनों को जैसे ही मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के बारे में पता चला उनकी सारी चिंताएं मिट गई। एक्स-रे करवाने पर पता चला कि इनके कूल्हे की हड्डी का जॉइंट टूट गया है। ऑपरेशन में खर्चा लगभग 70 हजार रूपये का खर्च आएगा। ऐसे में मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना रतनी बाई के लिए वरदान साबित हुई।
मुख्यमंत्री का जताया आभार
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामकेश गुर्जर ने बताया कि रतनी बाई का मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के अंतर्गत कपासन के एक निजी अस्पताल में निःशुल्क ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के बाद उनके स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हुआ और वे इलाज से पूरी तरह संतुष्ट है। हॉस्पिटल से डिस्चार्ज होने के बाद रतनी बाई ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को धन्यवाद दिया।
हॉस्पिटल निजी हो या सरकारी निशुल्क इलाज की जिम्मेदारी
जिला समन्वयक डॉ. मुनेश बैरवा ने बताया कि जिले में 26 राजकीय चिकित्सा संस्थान के साथ 4 निजी चिकित्सा संस्थान चिरंजीवी योजना के तहत अधिकृत है। योजना के प्रारंभ से अभी तक जिले में लगभग 26,400 से अधिक लोग चिरंजीवी योजना के तहत निशुल्क इलाज से लाभान्वित हुए हैं एवं जिले में 3.51 लाख परिवार योजना के तहत पंजीकृत है जो कुल जनसंख्या 75% है ।
राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना की चिकित्सा बीमा राशि को 5 लाख रुपए से बढ़ाकर 10 लाख रुपए प्रति सालाना कर दी गई है एवं योजना का दायरा व्यापक करते हुए कोकलियर इंप्लांट्स,बोन मैरो ट्रांसप्लांट, लिवर ट्रांसप्लांट हार्ट ट्रांसप्लांट जैसे गंभीर बीमारियों का भी योजना के तहत निशुल्क इलाज होगा। बीमित परिवार को 5 लाख रुपए का दुर्घटना बीमा भी दिया जा रहा है। बीमित परिवार मुखिया को राज्य सरकार द्वारा 3 साल की निशुल्क कॉलिंग और इंटरनेट की वैधता के साथ एक स्मार्टफोन भी दिया जाएगा।
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