चित्तौड़गढ़, (सलमान)। पॉपुलर फ्रंट जिला इकाई चित्तौड़गढ़ ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा संगठन से संबंधित बैंक खातों को अस्थायी रूप से फ्रीज किए जाने के खिलाफ सैकड़ों कार्यकर्ताओं व समर्थकों के साथ भारी आक्रोश व्याप्त करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। जिला कलेक्ट्री के बाहर नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों में महिलाओं, पुरुषों और बच्चों सहित कई सामाजिक व राजनीतिक संगठनों के जिम्मेदारों ने हाथों में तख्तियां व झंडे लिए बड़ी संख्या में हिस्सा लिया।
पॉपुलर फ्रंट के जिला कमेटी सदस्य अज़हर नागोरी ने अपने संबोधन में कहा कि ईडी की हालिया कार्यवाही पिछले कुछ वर्षों से संगठन के ख़िलाफ जारी दमनकारी कार्यवाहियों का हिस्सा हैं। देश की ऐसी हर लोकतांत्रिक आवाज़ को निशाना बनाकर अपने राजनीतिक आक़ाओं के लिए मोहरे की तरह काम कर रही है। ईडी ने पॉपुलर फ्रंट के खातों में 13 वर्षों में जितनी राशि जमा होने की बात की है, वह पॉपुलर फ्रंट जैसे राष्ट्रीय स्तर के सामाजिक आंदोलन के कामकाज के लिए बिल्कुल सामान्य बात है।
जिला अध्यक्ष यूनुस मंसूरीने कहा कि यह सब इस मामले को सनसनीख़ेज़ बनाने के लिए किया जा रहा है। एक और महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि 2020 के दौरान विभिन्न मीडिया ने यह ख़बर दिखाई थी कि पॉपुलर फ्रंट ने 120 करोड़ रूपये एकत्र किए हैं, लेकिन अब 60 करोड़ का हालिया बयान पिछले फ़र्जी दावे को नकारने के साथ-साथ यह साबित करता है कि ये एजेंसियां हमारे जैसे संगठनों को निशाना बनाने के लिए मीडिया को फर्ज़ी जानकारियां देती हैं।
एसडीपीआई जिला अध्यक्ष ताहिर हुसैन ने कहा कि देश में पहले ही यह चलन आम है कि सभी दलों के भ्रष्ट राजनेता जांच के रूप में ईडी द्वारा बदले की कार्यवाही के डर से अपनी काली कमाई को बचाने के लिए भाजपा का दामन थाम रहे हैं।
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