डूंगला (विमल नलवाया)। अफीम नीति 2022 -23 के सुझावों पर आयोजित मीटिंग में भाग लेने भारतीय अफीम किसान संघर्ष समिति राजस्थान मध्य प्रदेश के किसानों का प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को बिलोट से कोटा गया।
भारतीय किसान संघ समिति राजस्थान मध्य प्रदेश के संरक्षक मांगीलाल मेघवाल बिलोट ने बताया कि अफीम नीति 2022-23 में 1997-98 से 2003-04 तक के काटे गए सभी अफीम पट्टे बहाल करने, मार्फिन व सीपीएस पद्धति समाप्त कर समान आरी के लुवाई चिराई के अफीम पट्टे दिए जाने, किसान को अफीम का मूल्य अंतर्राष्ट्रीय मानक पर दिया जाने, सेम्पल एक के बजाय दो लिए जाए जिससे विपरीत परिस्थिति में किसानों को शोषण का शिकार होने से बचा जा सके तथा 29/8 धारा को समाप्त करने आदि मांग रखी गई।
इस दौरान प्रकाश कुमावत, राजाराम जाट बड़ीसादड़ी तहसील अध्यक्ष, प्रकाश जाट डूंगला तहसील अध्यक्ष,
राष्ट्रीय अध्यक्ष नरसिंह दास बेरागी,
राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी बंशीलाल धाकड़, प्रदेश अध्यक्ष मांगीलाल मालवीय, मन्दसोर ज़िला अध्यक्ष नरसिंह डांगी, टिडवास मलारगढ तहसील अध्यक्ष मांगीलाल रावत मन्दसोर ज़िला सचिव रामचन्द्र डांगी सहित अन्य मौजूद थे।
अफीम किसानों की बैठक रविवार को
अफीम किसान संघ राजस्थान मध्य प्रदेश की सर्वसाधारण बैठक शनि महाराज मंदिर देवली में रविवार को सुबह 10 बजे से आयोजित होगी।
अफीम किसान संघ राजस्थान मध्य प्रदेश के बैनर तले खंड बैठकों का दौर जारी है जिसमें तेजाजी मंदिर परमेश्वर पुरा, शिव मंदिर देलवास तथा मंगलवाड़ में बैठक आयोजित की गई। अब क्षेत्र के सभी अफीम किसानों की साधारण बैठक रविवार को शनि देव मंदिर देवली में रखने का निर्णय लिया गया। अफीम किसान संघ सीपीएस पद्धति के विरोध में तथा उसको समाप्त करने के लिए प्रयासरत है साथ ही मार्फिन नीति एवं 8/29 नारकोटिक्स एक्ट के तहत किसानों को बेवजह फसाए जाने से आहत होकर डोडा चूरा को नारकोटिक्स एक्ट हटाकर आबकारी एक्ट देने की मांग पुरजोर कर रही है। किसान संघ अध्यक्ष दुर्गेश जोशी ने बताया की हम किसानों की मांग को तथा उनके शोषण को कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे तथा सम्मानजनक व्यवस्था हेतु सरकार व विभाग तथा किसानों को एक मंच पर लाने का प्रयास किया जा रहा है और इसी प्रयास के तहत खंड बैठकों का दौर जारी है तथा बहुत जल्द सांसद सीपी जोशी, सुधीर गुप्ता और विभाग के डीएनसी और डी ओ से मुलाकात कर विशाल कार्यक्रम की रूपरेखा तय की जाएगी।
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