अधिवक्ता मावलिया के लिए इंसाफ़ की मांग, निम्बाहेड़ा बार संघ ने सौंपा ज्ञापन


निम्बाहेडा। बार संघ निम्बाहेड़ा नें खण्डेला जिला सीकर में अधिवक्ता हंसराज मावलिया द्वारा उपखण्ड अधिकारी एवं थानाधिकारी से परेशान होकर भ्रष्टाचार से लड़ते हुए आत्मदाह कर लिया। जिससे राजस्व न्यायालयों में व्याप्त भ्रष्टाचारों से सम्पूर्ण अधिवक्ता समुदाय में भारी रोष व्याप्त है। आज सम्पूर्ण राजस्थान में न्यायिक कार्यों का बहिष्कार किया गया। अभिभाषक संघ अध्यक्ष सत्यमेव सेठिया के नेतृत्व में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन तहसीलदार गोपाल बंजारा को सौंपकर  अभिभाषक संघ निम्बाहेडा ने मांग की है कि दिवंगत अधिवक्ता को परेशान कर आत्मदाह के लिए प्रेरित करने वाले अधिकारीयों को तत्काल बर्खास्त कर गिरफ्तार किया जाने एवं राजस्व न्यायालय के सम्पूर्ण अधिकार ज्यूडिशियल कोर्टो को दिया जाने एवं राजस्व न्यायालय में व्याप्त भष्ट्राचार के रोक लगाने के के लिए राजस्थान सरकार गम्भीरता से विचार करे। इससे अधिवक्ता समुदाय ही नहीं आम जन मानस के से पीडित व परेशान है और साथ ही दिबंगत परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी व उचित मुआवजा भी दिलाये जाने की मांग कि और समयबद्ध तरिके से शीघ्र कार्यवाही न करने पर सम्पूर्ण जवाबदेही राज्य सरकार की होगी। इस अवसर पर वरिष्ट अधिवक्ता दौलतराम कुमावत, नारायण सिंह खंगारोत, शिषभ कुमार सेठिया, कुसुम कोर्त भट्ट, हस्तीमल सेठिया, लक्ष्मण सिंह बडोली , रतनलाल राजोरी , कैलाश गाडरी, नरेन्द्र वैष्णव, रणवीर सिंह , ललित सिंह, आशीष नागौरी, महावीर चपलोत सहित कई अधिवक्ता उपस्थित थे। आज निम्बाहेड़ा के सभी न्यायालय में कार्य का बहिष्कार किया गया।

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